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बिहार : एक नजर में

  • बिहार को बंगाल से पृथक प्रांत बनाने की दिल्ली दरबार में घोषणा हुई – 12 दिसंबर, 1911

  • बिहार (उड़ीसा) सहित प्रांत के गठन की विधिवत घोषणा – 22 मार्च, 1912

  • बिहार ने प्रांत के रुप में कार्य शुरु किया – 1 अप्रैल, 1912

  • राजधानी                   – पटना

  • उच्च न्यायालय                   – पटना

  • राजकीय भाषा                   – हिन्दी

  • द्वीतीय राजकीय भाषा – उर्दू

  • राजकीय पक्षी            – गौरैया

  • राजकीय पशु            – बैल

  • शासकीय पुष्प            – गेंदा

  • राजकीय वृक्ष            – पीपल

  • राजकीय चिन्ह            – बोधिवृक्ष

  • राजकीय मछली            – मांगुर

  • राज्य का महापर्व            – छठ

  • अक्षांशीय विस्तार            – 24020’10” से 27031’15” उत्तरी अक्षांश

  • देशांतरीय विस्तार            – 83019’50” से 88017’40” पूर्वी देशांतर

  • आकृति            – 94163 वर्ग किमी

  • लम्बाई (उत्तर से दक्षिण)            – 345 किमी.

  • चौड़ाई (पूर्व से पश्चिम)            – 483 किमी

  • औसत ऊंचाई            – समुद्रतल से 52.73 मी.

  • सीमाएं            – पूर्व में पश्चिम बंगाल, पश्चिम में उत्तर प्रदेश, उत्तर में

  नेपाल, दक्षिण में झारखण्ड

  • प्रमंडल            – 9

  • जिला            – 38

  • राज्यपाल            – लालजी टण्डन

  • मुख्यमंत्री            – नीतीश कुमार

  • विधानसभा अध्यक्ष            – विजय कुमार चौधरी

  • बिहार के महाधिवक्ता            – ललित किशोर

  • लोकायुक्त            – श्याम किशोर वर्मा

  • बिहार लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष     – शिशिर सिन्हा

  • लोकसभा सदस्यों की संख्या     – 40

  • राज्यसभा सदस्यो की संख्या     – 16

  • विधानसभा सदस्यों की संख्या            – 243

  • विधान परिषद सदस्यों की संख्या            – 75

  • लोकसभा में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटें – 06

  • विधानसभा में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटें – 40

  • कुल जनसंख्या                         – 104099452

  • पुरुष जनसंख्या                       – 54278157

  • महिला जनसंख्या                       – 49821295

  • नगरीय जनसंख्या (प्रतिशत में)                – 11.3%

  • ग्रामीण जनसंख्या (प्रतिशत में)                – 88.7%

  • जनसंख्या वृध्दि दर (2001-2011)                – 25.4%

  • जनसंख्या घनत्व                – 1106 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी.

  • लिंगानुपात                – 918/1000

  • सर्वाधिक लिंगानुपात वाला जिला                – गोपालगंज

  • न्यूनतम लिंगानुपात वाला जिला                – मुंगेर

  • सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला जिला                – शिवहर

  • सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाला जिला – कैमूर

  • क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा जिला            – पश्चिमी चम्पारण

  • क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा जिला            – शिवहर

  • सर्वाधिक जनसंख्या वाला जिला            – पटना

  • सबसे कम जनसंख्या वाला जिला            – शेखपुरा

  • सर्वाधिक दशकीय वृध्दि वाला जिला            – मधेपुरा

  • सबसे कम दशकीय वृध्दि वाला जिला            – गोपालगंज

  • सबसे बड़ा नगर            – पटना

  • क्षेत्रफल की द़ृष्टि से बिहार का देश में क्रम            – 12वाँ

  • जनसंख्या की दृष्टि से बिहार का देश में क्रम – तीसरा

  • जनसंख्या घनत्व की दृष्टि से बिहार का देश मे क्रम     – पहला

  • बिहार की कुल साक्षरता दर                   – 61.80%

  • पुरुष साक्षरता दर                   – 71.20%

  • महिला साक्षरता दर                   – 51.50%

  • सर्वाधिक साक्षरता दर वाला जिला                – रोहतास

  • न्यूनतम साक्षरता दर वाला जिला                – पूर्णिया

  • सर्वाधिक पुरुष साक्षरता दर वाला जिला            – रोहतास

  • सर्वाधिक महिला साक्षरता दर वाला जिला            – रोहतास

  • न्यूनतम पुरुष साक्षरता दर वाला जिला        – पूर्णिया

  • न्यूनतम महिला साक्षरता दर वाला जिला        – सहरसा

  • सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना        – गंडक परियोजना

  • सर्वाधिक ठंडा जिला        – गया

  • सर्वाधिक गर्म जिला        – गया

  • सर्वाधिक वर्षा वाला जिला        – किशनगंज

  • सबसे कम वर्षा वाला जिला        – औरंगाबाद  

 

ऐतिहासिक परिदृश्य

प्राचीनकाल

  • मूल रुप से ‘विहार’ शब्द का अर्थ बौध्द मठ है।

  • मध्य पाषाण युग के अवशेष मुंगेर में मिले हैं।

  • उत्तर बिहार में चिरांद (सारण जिला) और चेचर (वैशाली जिला) से नव पाषाण युग के अवशेष प्राप्त हुए हैं।

  • पुरा पाषाण युग के औजार मुंगेर के भीम बांध से मिले हैं।

  • अंग का राज्य वर्तमान मुंगेर और भागलपुर जिलो के क्षेत्र में फैला था।

  • ऋग्वेद में बिहार क्षेत्र के लिए ‘कीकट’ एवं ‘व्रात्य’ शब्दों का उल्लेख हुआ है।

  • वायु पुराण में गया क्षेत्र में ‘असुरों के राज’ होने की चर्चा की गयी है।

  • महात्मा गौतम बुध्द के समय में उत्तर भारत की राजनीति में चार सशक्तिशाली राजतंत्रों (कोशल, वत्स, अवन्ति एवं मगध) का वर्चस्व था।

  • अथर्वेद में मगध का सर्वप्रथम उल्लेख मिलता है।

  • प्रथम मगध साम्राज्य का उत्कर्ष ई.पू. में छठवीं शताब्दी में हुआ था।

  • ईसा पूर्व छठी सदी में विश्व की प्रथम गणतंत्रात्मक व्यवस्था वैशाली में थी।

  • विश्व का पहला गणतंत्र वैशाली में लिच्छवियों के द्वारा स्थापित किया गया।

  • अजातुशत्रु ने अवन्ति के हमले से बचने के लिए किलाबन्दी की थी। उसने वह किला राजगृह मे बनवाया था।

  • मगध की प्रारंभिक प्रथम राजधानी गिरिव्रज (राजगृह) थी।

  • पाटलिपुत्र के संस्थापक उदायिन थे।

  • उदायिन के बाद मगध साम्राज्य पर शिशुनाग वंश का शासन स्थापित हुआ।

  • मगध सम्राट महापद्मनंद ने स्वयं को ‘एकराट कहा है।

  • नंद वंश के पश्चात मगध पर मौर्य राजवंश ने शासन किया।

  • मगध शासक घनानंद सिकन्दर महान का समकालीन था।

  • मगध में मौर्य वंश के शासन की स्थापना चन्द्रगुप्त मौर्य ने की थी।

  • पटलिपुत्र में स्थित चन्द्रगुप्त का महल मुख्यतः लकड़ी का बना था।

  • मौर्यकाल में शिक्षा का सर्वाधिक प्रसिध्द केन्द्र तक्षशिला था।

  • पाटलिपुत्र को सर्वप्रथम चन्द्रगुप्त मौर्य ने अपनी राजधानी बनाया था।

  • इण्डिका में पाटलिपुत्र के प्रशासन का वर्णन उपलब्ध है।

  • मस्की के लघु शिलालेख में अशोक ने स्वयं को मगध का सम्राट बताया है।

  • नालंदा से प्राप्त मुद्रालेख में अवंतिवर्मन को महाराजाधिराज कहा गया है।

  • महेश ठाकुर ने दरभंगा राजवंश की स्थापना की थी।

  • सुचंद्र वर्मन ने मगध में अपना स्वतंत्र राज्य कायम किया था।

  • गुप्तकाल में नालंदा महाविहार की स्थापना हुई। इसका संस्थापक कुमारगुप्त था।

  • गुप्त वंश के अधीन चौथी शताब्दी ई. में बिहार के गौरव का पुनरोध्दार हुआ।

  • स्थापत्य कला के क्षेत्र मे गुप्त काल की उपलब्धियों में बोधगया का महाबोधि मंदिर और नालंदा महाविहार के अवशेष महत्वपूर्ण हैं।

मध्य काल

  • पाल वंश के संस्थापक गोपाल ने पालवंश का साम्राज्य बिहार के क्षेत्र में फैलाया।

  • गोपाल के ओदंतपुरी अर्थात् वर्तमान बिहार शरीफ में एक मठ तथा विश्वविद्यालय का निर्माण कराया।

  • पाल शासक धर्मपाल ने भागलपुर जिले में स्थित विक्रमशिला में महाविहार व विश्वविद्यालय का निर्माण करवाया तथा 200 गांव नालंदा विश्वविद्यालय के रख-रखाव हेतु दान में दिए।

  • देवपाल ने नालंदा में एक विहार की देख-रेख हेतु पाँच गाँव अनुदान में दिये।

  • प्रतिहारों ने पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के अधिकांश क्षेत्रों पर मिहिरभोज और महेन्द्रपाल के शासनकाल में अधिकार किया।

  • बारहवीं शताब्दी के अंत तक बिहार में तुर्कों के आक्रमण आरम्भ हो गये।

  • तुरुष्कदंड नामक कर की चर्चा गहड़वाल वंश के शासक गोविंदचन्द्र के मुंगेर ताम्रपत्र मे मिलती है।

  • बिहार में तुर्क सत्ता की स्थापना का वास्तविक श्रेय इख्तियारुद्दीन मोहम्मद इब्ने बख्तियार खिलजी को जाता है।

  • बिहार के क्षेत्र मे फिरोजशाह, सिकन्दर लोदी, बलबन, इल्तुतमिश, गयासुद्दीन तुगलक के आक्रमण हुए।

  • राजगीर के जैन मंदिरों के अभिलेखों में फिरोजशाह तुगलक द्वारा उन्हें दान दिये जाने का उल्लेख है।

  • मध्य काल में बिहार की राजनीतिक शक्ति, शैक्षिक व सांस्कृतिक गरिमा खंडित हुई।

  • मुगल शासक अकबर ने सर्वप्रथम बिहार को अपने साम्राज्य में मिलाया था।

  • इल्तुतमिश ने बिहार में अपना प्रथम सूबेदार मलिक जानी को नियुक्त किया था।

  • शेरशाह सूरी के शासनकाल में बिहार की खोयी हुई प्रतिष्ठा आंशिक रुप से पुनः स्थापित हुई।

  • शेरशाह ने प्राचीन पाटलिपुत्र नगरी के स्थान पर पटना शहर बसाया।

  • नालंदा विश्वविद्यालय का वैभव बख्तियार खिलजी के हाथों नष्ट हुआ।

  • अकबर ने 1576 ई. में बंगाल तथा बिहार को मुगल साम्राज्य में मिलाया।

  • 12 अगस्त, 1765 ई, को सम्राट शाह आलम द्वीतीय ने ईस्ट इण्डिया कंपनी को बंगाल, बिहार तथा उड़ीसा की दीवानी प्रदान की।

  • मुगलों के पतन के बाद बिहार बंगाल के नवाबों के अधीन हो गया।

आधुनिक काल

  • बंगाल के नवाब मीर कासिम ने मुंगेर को अपनी राजधानी बनाया।

  • रॉबर्ट क्लाइव ने शिताब राय को बिहार का नायब दीवान नियुक्त किया था।

  • गोलघर का निर्माण गवर्नर जनरल लार्ड कार्नवालिस के समय मे हुआ।

  • 1830 के दशक में पटना नगर वहाबी आन्दोलन का केन्द्र था।

  • 1857 की क्रांति के दौरान बिहार में क्रांतिकारियों के नेता बाबू कुँवर सिंह थे।

  • श्री दीपनाराय़ण सिंह के प्रयत्नों से बिहार प्रान्तीय कांग्रेस का दूसरा अधिवेशन हुआ।

  • जयप्रकाश नारायण बिहार सोशलिस्ट पार्टी के संस्थापक थे।

  • अखिल भारतीय किसान कांग्रेस का गठन 1936 ई. में किया गया था।

  • बिहार उड़ीसा का 1936 ई. में विभाजन हुआ।

  • बिहार के प्रमुख समाचार पत्र बिहारी के सम्पादक बाबू माहेश्वर प्रसाद थे।

  • चम्पारण नील आन्दोलन के राष्ट्रीय नेता महात्मा गांधी थे।

  • असहयोग आन्दोलन के दौरान जयप्रकाश नारायण ने पटना कालेज छोड़ा जबकि उनकी परीक्षा में केवल 20 दिन ही बचे थे।

  • 1922 में गया के इंडियन नेशनल कांग्रेस के अधिवेशन के अध्यक्ष चितरंजन दास थे।

  • वर्ष 1930 ई. में विद्यापति रचित कीर्तिलता में भी बिहार का उल्लेख मिलता है।

  • ब्रिटिश शासकों के विरुध्द प्रथम विद्रोह 1763 ई. में बंगाल और बिहार के संन्यासियों ने ही किया था। इस विद्रोह को भारतीय इतिहास में संन्यासी विद्रोह के नाम से जाना जाता है।

  • 1891 ई. में खुदाबख्श लाइब्रेरी की स्थापना पटना में हुई।

  • चिश्ती सिलसिले के सूफी सर्वप्रथम बिहार में आये।

  • रोमन कैथोलिक पादरियों ने सर्वप्रथम बिहार में ईसाई धर्म का प्रचार किया।

  • बिहार शरीफ का पुराना नाम ओदंतीपुर था।

  • बिहार आने वाला पहला अंग्रेज यात्री रॉल्फ फिच था।

  • मध्यकालीन बिहार में आने वाले ईरानी यात्रियों में मुल्ला बहबहानी एक धर्माचार्य था।

 

बिहार के क्रांतिकारियों का स्वतंत्रता आन्दोलन में योगदानः-

श्री सियाराम सिंहः-

इनके नेतृत्व में सियाराम दल ने बिहार में क्रांतिकारी गतिविधियों को बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया।

अम्बिकाकांत सिंह व जगदीश नारायणः-

इनके सहयोग से पटना से युवक नामक मासिक पत्रिका का प्रकाशन शुरु हुआ।

चन्द्रमा सिंहः

चंन्द्रमा सिंह ने लाहौर एवं पटना षड्यंत्र कांड के मुखबिर फनेन्द्र नाथ की हत्या की।

खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकीः-

1908 मे इन्होंने मुजफ्फरपुर के जिला जज डी.एच. किंग्सफोर्ड की हत्या का प्रयास किया, किन्तु धोखे से वकील प्रिंगले कैनेडी कि पत्नी और बेटी की हत्या हो गयी।

डॉ. ज्ञानेन्द्र नाथ, केदार नाथ बनर्जी एवं बाला ठाकुर दासः-

ये सभी बिहार के प्रारंभिक क्रांतिकारियों में थे।

कार्यानंद शर्माः-

बकाश्त भूमि की वापसी के लिए कार्यानंद शर्मा के नेतृत्व में 1935 मे मुंगेर जिलान्तर्गत बड़हिया ताल में  आन्दोलन चलाया गया।

सांस्कृतिक परिदृश्य

प्रमुख लोकनृत्य

झिझिया नृत्यः-

यह नृत्य चित्रसेन एवं उनकी रानी के प्रेम प्रसंगों पर आधारित है।

खोलड़िन नृत्यः-

शुभ अवसरों पर आमंत्रित अतिथियों के मनोरंजन हेतु प्रस्तुत किया जाने वाला यह नृत्य वेश्याओं अथवा व्यावसायिक महिलाओं द्वारा किया जाता है।

विद्यापति नृत्यः-

इस नृत्य में मिथिला के महान कवि विद्यापति के पदों को गाया जाता है एवं नृत्य किया जाता है।

करिया झूमर नृत्यः-

यह महिला प्रधान लोक नृत्य है, मिथिला क्षेत्र में काफी प्रचलित है।

धोबिया नृत्यः-

यह नृत्य बिहार के भोजपुर क्षेत्र के धोबी समाज में प्रचलित है।

पंवड़िया नृत्यः-

यह नृत्य जन्म आदि के अवसर पर पुरुषों अथवा किन्नरों द्वारा किया जाता है।

लौंडा नृत्यः-

यह नृत्य बिहार में मुख्य रुप से भोजपुर क्षेत्र में प्रचलित है।

जोगिड़ा नृत्यः-

यह नृत्य होली के अवसर पर ग्रामीणों द्वारा सामूहिक रुप से किया जाता है।

प्रमुख लोकनाट्य

भकुली बंकाः-

इस लोकनाट्य के अन्तर्गत जट-जटिन नृत्य किया जाता है।

किरतनियाः-

इस लोकनाट्य के अन्तर्गत भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का वर्णन भक्ति गीतों के माध्यम से किया जाता है।

सामा-चकेवाः-

यह भाई-बहन से संबंधित लोकनाट्य व पर्व है।

डोमकचः-

यह बिहार का एक अत्यन्त घरेलू एवं निजी लोकनाट्य है।

जट-जटिनः-

यह लोक-नाट्य प्रतिवर्ष सावन से कार्तिक माह के पूर्णिमा के आस-पास तक अविवाहित लड़कियों द्वारा अभीनीत होता।

विदेशियाः-

भोजपुर क्षेत्र के अत्यन्त प्रचलित इस लोकनाट्य का आरंभ मंगलाचरण से होता है तथा महिला पात्रों की भूमिका पुरुष कलाकारों द्वारा निभाई जाती है।

प्रमुख लोकगीत

पूरबीः-

इन गीतों के माध्यम से विरहनियाँ अपनी दयनीय दशा का वर्णन करती हैं और गीतों के माध्यम से पति वियोग की पीड़ा को व्यक्त करती हैं।

लगनीः-

लगनी राग के गीत पूर्णिया, मधेपुरा, सुपौल, लहरसा, समस्तीपुर, मधुबनी आदि जिलों में विवाह के अवसर पर गाये जाते हैं।

नचारीः-

इस लोकगीत में भगवान शिव की स्तुति की जाती है।

पर्वगीतः-

भिन्न-भिन्न पर्वों और त्योहारों के अवसर पर भिन्न-भिन्न प्रकार के मांगलिक गीत गाये जाते हैं, जिन्हें पर्वगीत कहा जाता है।

दीना भदरीः-

इस लोकगीत के माध्यम से दीना और भदरी नामक दो भाइयों की वीरता को मार्मिकता के साथ गाया  जाता है।

बिजमैलः-

इस लोकगीत के माध्यम से राजा विजयमल की वीरता का वर्णन किया जाता है।

सलहेसः-

दौना मालिन ने जिस ढंग से अपने प्रेमी सलहेस को मुक्त कराया, उसी प्रकरण को इस लोकगीत के माध्यम से सुनाया और प्रस्तुत किया जाता है।

लोरिकायनः-

लोरिकायन वीर रस का लोकगीत है। इस गीत के माध्यम से लोरिक के जीवन प्रसंगों का वर्णन किया जाता है।

गाथा गीतः-

बिहार के प्रमुख गाथा गीत है– सलहेस, लोरिकायन, बिजमैल, दीना-भदरी आदि।

संस्कार गीतः-

बिहार के प्रमुख संस्कार गीत हैं – सोहर, समदाउन, गौना, बेटी विदाई, कोहबर, खेलौना, बधावा आदि।

बिहार के प्रमुख मेले

सिंहेश्वर स्थान का मेलाः-

प्रत्येक वर्ष शिवरात्रि के अवसर पर मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर स्थान में यह मेला लगता है।

मंदार मेलाः-

बांका जिले के मंदार पहाड़ी पर प्रत्येक वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर यह मेला लगता है।

मुजफ्फरपुर का मेलाः-

सुहृदय संघ नामक साहित्यिक संस्था प्रतिवर्ष मुजफ्फरपुर में इस मेले का आयोजन करती है। इस मेले में प्रायः पूरे देश से साहित्य-प्रेमी भाग लेने आते हैं।

पितृपक्ष मेलाः-

इस मेले में देश-विदेश से हिन्दू लोग आते हैं तथा अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति एवं मोक्ष प्राप्ति हेतु पिंड दान करते हैं।

जानकी नवमी मेलाः-

यह मेला चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को सीतागढ़ी में आयोजित किया जाता है।

वैशाली मेलाः-

वैशाली के  इस मेले में पूरे देश के जैन धर्मावंबी जमा होते हैं और भाग लेते हैं।

सौराठ मेलाः-

यह मेला मधुबनी जिलान्तर्गत सौराठ नामक स्थान पर लगता है।

सोनपुर पशु मेलाः-

यह देश का सबसे बड़ा पशु मेला है। विश्व प्रसिध्द इस मेले को हरिहरक्षेत्र का मेला के नाम से भी जाना जाता है।

सिनेमा

  • बिहार में निर्मित प्रथम फिल्म पुनर्मिलन थी। इस फिल्म का निर्माण व प्रदर्शन 1931 ई. मे हुआ। इस फिल्म के निर्देशक धीरेन गांगुली थे।

  • बलम परदेशिया भोजपुरी की ऐसी पहली फिल्म थी, जिसे कुछ शहरों में स्वर्ण जयंती मनायी।

  • मनोज तिवारी, रवि किशन, सुदीप पाण्डे, पवन सिंह, छैला बिहारी भोजपुरी फिल्मों के चर्चित कलाकार हैं।

  • मैथिली की प्रथम प्रदर्शित फिल्म कन्यादान थी।

  • पूर्ण रुपेण मगही में निर्मित प्रथम फिल्म मइया थी जिसका प्रदर्शन 1964 ई. में हुआ।

पर्यटन स्थल

कुण्डग्रामः-

540 ईसा पूर्व में कुण्डग्राम (वैशाली के निकट) में भगवान महावीर का जन्म हुआ था।

बिहार शरीफः-

पाल शासक धर्मपाल ने 8वीं सदी में यहाँ ओदंतीपुरी विश्वविद्यालय की स्थापना की थी।

वैशालीः-

जैन धर्म का यह महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल मुजफ्फरपुर से 37 किमी. दूर दक्षिण पश्चिम की ओर स्थित है। द्वीतीय बौध्द संगीति का आयोजन यहाँ 383 ई. पू. में  हुआ था।

नालन्दाः-

प्राचीन बुध्द के पार्थिव अवशेष पर बने देश के आठ मौलिक स्तूपों में से एक।

राजगृह (राजगीर)-

यह मगध साम्राज्य की प्राचीन राजधानी थी। वर्तमान में इस राजगीर के नाम से भी जाना जाता है, जो बिहार के नालंदा जिले मे है।

देव या देवबर्नाकः-

गया से 20 किमी. की दूरी पर औरंगाबाद जिले में स्थित है। यहाँ प्राचीन सूर्य मन्दिर स्थित है।

बनगाँवः-

सहरसा से आठ किमी. पश्चिम में स्थित बनगाँव कोशी प्रमण्डल का प्रमुख पुरातात्विक स्थल है।

सासारामः-

पटना से 193 किमी दूर दिल्ली-कोलकाता रेलमार्ग पर स्थित सासाराम मे शेरशाह सूरी का प्रसिध्द किला और मकबरा स्थित है।

सादिकपुरः-

पटना में एक मुहल्ला है, जहाँ वहाबी आन्दोलन का केन्द्र था।

पादरी की  हवेलीः-

पटना की सबसे पुरानी चर्च है।

हरमंदिरः-

यह गुरुद्वारा पटना में स्थित सिखो के दसवें गुरु गोविन्द सिंह जी के जन्मस्थल पर बना है।

विक्रमशिलाः-

भागलपुर जिला में स्थित है। पाल काल में यह शिक्षा का महत्वपूर्ण केन्द्र था।

पावापुरीः-

नालंदा जिला में स्थित, जैन धर्मावलंबियों का एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है।

गयाः-

फल्गु नदी के किनारे बसा गया धार्मिक व ऐतिहासिक स्थल है।

बोधगयाः-

गया से 14 किमी. दक्षिण में स्थित बोधगया मे पीपल वृक्ष के नीचे गौतम  बुध्द को ज्ञान प्राप्त हुआ था।

 

प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल

मंदिर/देवालय/पर्यटन स्थल

जिला

मंदिर/देवालय/पर्यटन स्थल

जिला

बड़ी पटन देवी मंदिर

पटना

पत्थर की मस्जिद

पटना

शीतला माता मंदिर

पटना

मनेर शरीफ

पटना

चैतन्य महाप्रभु मंदिर

पटना

गुरुद्वारा  गाय घाट

पटना

बिड़ला मंदिर

पटना

गुरुद्वारा हांडी साहब

दानापुर

अहिरौली

बक्सर

पदरी की हवेली

पटना

उग्रतारा मंदिर

महिषी, सहरसा

विश्व शांति स्तूप

राजगीर

गुप्त धाम

रोहतास

गृह-कूट पर्वत

राजगीर

चौमुखी महादेव

वैशाली

सप्तपर्णि गुफा

राजगीर

नेपाली मंदिर

हाजीपुर

जीवक-आम्रवन

राजगीर

मंदारगिरि

भागलपुर

वेणुवन बिहार

राजगीर

राजगीर

नालंदा

राजगीर

नालंदा

रामजानकी मंदिर

सीतामढ़ी

पावापुरी

नालंदा

सिंहेश्वर स्थान

मधेपुरा

चम्पा, नाथनगर

भागलपुर

विष्णुपद मंदिर

गया

गुनावा जी

नवादा

सीताकुंड

मुंगेर

कुंडग्राम

वैशाली

हरिनाथ मंदिर

सोनपुर

कमलदह

पटना

 

बिहार : भौगोलिक परिदृश्य

  • क्षेत्रफल की दृष्टि से बिहार राज्य का देश में बारहवाँ स्थान है।

  • बिहार राज्य का सम्पूर्ण क्षेत्रफल 94163 वर्ग किमी. है।

  • बिहार के उत्तर में नेपाल, दक्षिण झारखंड, पूरब में पश्चिम बंगाल और पश्चिम में उत्तर प्रदेश है।

बिहार के जिले

सीमा साझा करते हैं

किशनगंज, अररिया, सुपौल, मधुबनी, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण

नेपाल के साथ

पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, भोजपुर(आरा), बक्सर और कैमूर (भभुआ)

उत्तर प्रदेश के साथ

कटिहार, भागलपुर, बाँका, जमुई, नवादा, गया, औरंगाबाद, रोहतास, और कैमूर

झारखण्ड के साथ

किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार

पश्चिम बंगाल के साथ

  • उच्चावच की दृष्टि से बिहार को 3 भागों-हिमालय का पर्वतपदीय क्षेत्र, गंगा का मैदानी भाग तथा दक्षिण का पठारी भाग में बाँटा गया है।

  • भौतिक बनावट और संरचना की दृष्टि से बिहार को तीन भागों – उत्तर का शिवालिक का पर्वतीय भाग एवं तराई क्षेत्र, बिहार का विशाल मैदान और दक्षिण का सींमांत पठारी प्रदेश तीन भागों मे बाँटा जा सकता है।

  • बिहार का विशाल मैदान 90650 वर्ग किमी. में विस्तृत है, जो बिहार के कुल क्षेत्रफल का लगभग 96 प्रतिशत है।

  • बिहार राज्य को मुख्यतः दो भू-आकृतिक प्रदेशों गंगा का उत्तरी मैदान और गंगा का दक्षिणी मैदान दो भागों मे बाँटा जा सकता है।

  • उत्तरी गंगा मैदान में पश्चिम से पूर्व की ओर गंगा नदी प्रवाहित होती है।

  • गंगा नदी के दक्षिणी तट से झारखण्ड के छोटानागपुर पठार तक फैला बिहार का भाग भी समतल है।

  • गंगा का दक्षिणी मैदान की प्रमुख नदियाँ, सोन, कर्मनाशा, फल्गु, पुनपुन और उनकी सहायक नदियाँ हैं।

  • दक्षिण गंगा का मैदान छोटा नागपुर के पठार से गंगा मे प्रवाहित होने वाली नदियों के द्वारा गई मिट्टी से बना है।

  • छोटा नागपुर के पठार से गंगा नदी की ओर प्रवाहित होने वाली नदियों के द्वारा लायी गयी जलोढ़ मिट्टियों से गंगा के दक्षिणी मैदान का निर्माण हुआ।

हिन्दी भाषा राज्य : जनसंख्या परिदृश्य

A.   राज्यों का जनसंख्या परिदृश्य – I (वर्ष-2011 की जनगणना के अनुसार)

राज्य

कुल जनसंख्या

कुल पुरुष जनसंख्या

कुल महिला जनसंख्या

लिंगानुपात

जनघनत्व

उत्तर प्रदेश

199812341

104480510

95331831

912

829 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी.

उत्तराखण्ड

10086292

5137773

4948519

963

189 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी.

मध्य प्रदेश

72626809

37612306

35014503

931

236 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी.

छत्तीसगढ़

25545198

12832895

12712303

991

189 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी.

बिहार

104099452

54278157

49821295

918

1106 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी.

झारखण्ड

32988134

16930315

16057819

949

414 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी.

राजस्थान

68548437

35550997

32997440

928

200 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी

B.   राज्यों का जनसंख्या परिदृश्य – II (वर्ष – 2011 की जनगणना के अनुसार)

राज्य

सर्वाधिक जनसंख्या वाला जिला

न्यूनतम जनसंख्या वाला जिला

सर्वाधिक लिंगानुपात वाला जिला

न्यूनतम लिंगानुपात वाला जिला

सर्वाधिक जनघनत्व वाला जिला

न्यूनतम  जनघनत्व वाला जिला

उत्तर प्रदेश

इलाहाबाद (5954391)

महोबा (875958)

जौनपुर (1024)

गौतमबुध्द नगर (851)

गाजियाबाद (3971)

ललितपुर (242)

उत्तराखण्ड

हरिद्वारा (1890422)

रुद्रप्रयाग (242285)

अल्मोड़ा (1139)

हरिद्वार (880)

हरिद्वार (801)

उत्तरकाशी (41)

मध्य प्रदेश

इन्दौर (3276697)

हरदा (570465)

बालाघाट (1021)

भिंड    (837)

भोपाल  (855)

डिंडोरी   (94)

छत्तीसगढ़

रायपुर (4063872)

नारायणपुर (139820)

बस्तर                                                                                                                                                                          (1023)

कोरिया (968)

जांजगीर-चांपा (420)

बीजापुर    (30)

बिहार

पटना (5838465)

शेखपुरा (636342)

गोपालगंज (1021)

मुंगेर   (876)

शिवहर (1880)

कैमूर                                                                                                                                                                                  (488)

झाऱखण्ड

रांची (2914253)

लोहरदग्गा (491790)

प. सिंहभूम (1005)

धनबाद (909)

धनबाद (1316)

सिमडेगा (159)

राजस्थान

जयपुर (6626178)

जैसलमेर (669919)

डूंगरपुर (994)

धौलपुर (846)

जयपुर                           (595)

जैसलमेर (17)

नोटः जनघनत्व प्रति वर्ग किमी. में व्यक्त किया गया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

C.    राज्यों का जनसंख्या परिदृश्य – III (वर्ष – 2011 की जनगणना के अनुसार)

राज्य

अनुसूचित जाति जनसंख्या

अनुसूचित जनजाति जनसंख्या

सर्वाधिक अनुसूचित जाति वाला जिला

न्यूनतम अनुसूचित जाति वाला जिला

सर्वाधिक अनुसूचित जनजाति वाला जिला

न्यूनतम अनुसूचित जनजाति वाला जिला

उत्तर प्रदेश

41357608

1134273

सीतापुर (1446427)

बागपत (149060)

सोनभद्र (385018)

बागपत  (14)

उत्तराखण्ड

1892516

291903

हरिद्वार (411274)

चम्पावत (47383)

ऊधमसिंह नगर (123037)

रुद्रप्रयाग (386)

मध्य प्रदेश

11342320

15316784

इन्दौर (545239)

झाबुआ (17427)

धार (1222814)

भिंड    (6131)

छत्तीसगढ़

3274269

7822902

रायपुर (724250)

नारायणपुर (4979)

सरगुजा (1300628)

नारायणपुर (108161)

बिहार

15567325

1336573

गया (1334351)

शिवहर (96655)

प. चम्पारण (250046)

शिवहर   (318)

झारखण्ड

3985644

8645042

पलामू (536382)

लोहरदग्गा (15330)

रांची (1042016)

कोडरमा (6903)

राजस्थान

12221593

9238534

जयपुर (1003302)

डूंगरपुर (52267)

उदयपुर (1525289)

बीकानेर (7779)

 

D.   राज्यों का जनसंख्या परिदृश्य –IV (वर्ष – 2011 की जनगणना के अनुसार)

राज्य

कुल ग्रामीण जनसंख्या

कुल नगरीय जनसंख्या

सर्वाधिक ग्रामीण जनसंख्या वाला जिला

न्यूनतम ग्रामीण जनसंख्या वाला जिला

सर्वाधिक नगरीय जनसंख्या वाला जिला

न्यूनतम नगरीय जनसंख्या वाला जिला

उत्तर प्रदेश

155317278

44495063

इलाहाबाद (4481518)

गौतमबुध्द नगर (673806)

गाजियाबाद (3162547)

श्रावस्ती (38649)

उत्तराखण्ड

7036954

3049338

हरिद्वार (1197328)

चम्पावत (221305)

देहरादून (941941)

बागेश्वर (9079)

मध्य प्रदेश

52557404

20069405

रीवा (1969321)

हरदा (451101)

इंदौर (2427709)

डिंडोरी (32318)

छत्तीसगढ़

19607961

5937237

रायपुर (2580583)

नारायणपुर (117714)

रायपुर (1483289)

नारायणपुर (22106)

बिहार

92341436

11758016

पूर्वी चम्पारण (4698028)

शेखपुरा (527340)

पटना (2514590)

शिवहर (28116)

झारखण्ड

25055073

7933061

गिरिडीह (2237450)

लोहरदग्गा (404379)

धनबाद (1560394)

सिमडेगा (42944)

राजस्थान

51500352

17048085

जयपुर (3154331)

जैसलमेर (580894)

जयपुर (3471847)

प्रतापगढ़ (71807)

 

E.    राज्यों का साक्षरता परिदृश्य (वर्ष -2011 की  जनगणना के अनुसार)

राज्य

कुल साक्षरता दर

सर्वाधिक साक्षरता दर वाला जिला

न्यूनतम साक्षरता दर वाला जिला

सर्वाधिक पुरुष साक्षरता दर वाला जिला

न्यूनतम पुरुष साक्षरता दर वाला जिला

सर्वाधिक महिला साक्षरता दर वाला जिला

न्यूनतम महिला साक्षरता दर वाला जिला

उत्तर प्रदेश

67.7%

गौतमबुध्द नगर (80.1%)

श्रावस्ती (46.7%)

गौतमबुध्द नगर (88.1%)

श्रावस्ती (57.2%)

कानपुर नगर (75.1%)

श्रावस्ती (34.8%)

उत्तराखण्ड

78.8%

देहरादून (84.3%)

ऊधमसिंह नगर (73.1%)

रुरप्रयाग (93.9%)

हरिद्वार (81.0%)

देहरादून (78.5%)

उत्तरकाशी (62.4%)

मध्य प्रदेश

69.3%

जबलपुर (81.1%)

अलीराजपुर (36.1%)

जबलपुर (87.3%)

अलीराजपुर (42.0%)

भोपाल (74.9%)

अलीराजपुर (42.0%)

छत्तीसगढ़

70.3%

दुर्ग (79.1%)

बीजापुर (40.9%)

दुर्ग (87.3%)

बीजापुर (50.5%)

दुर्ग (70.2%)

बीजापुर (31.1%)

बिहार

61.8%

रोहतास (73.4%)

पूर्णिया (51.1%)

रोहतास (82.9%)

पूर्णिया (59.1%)

रोहतास (63.0%)

सहरसा (41.7%)

झाऱखण्ड

66.4%

रांची (76.1%)

पाकुड़ (48.8%)

रांची (84.3%)

पाकुड़ (57.1%)

रांची (67.4%)

पाकुड़ (40.5%)

राजस्थान

66.1%

कोटा (76.6%)

जालौर (54.9%)

झुंझनू (86.9%)

प्रतपागढ़ (69.5%)

कोटा (65.9%)

जालौर (38.5%)

 

जलवायु

  • समुद्र से दूर होने के कारण बिहार राज्य के मौसम में विषमता है। वर्षा व तापमान की दृष्टि से इस राज्य की जलवायु विशिष्ट प्रकार की है।

  • मानसूनी जलवायु वाले इस राज्य में तीन प्रमुख मौसम होते हैं – ग्रीष्म ऋतु (मार्च से मध्य जून) वर्षा ऋतु (मध्य जून से मध्य अक्टूबर) शरद ऋतु (मध्य अक्टूबर से फरवरी तक)

  • ग्रीष्म ऋतु मार्च से शुरु होकर मध्य जून तक रहती है। अप्रैल के माह से दिन का तापमान बढ़ जाता है।

  • मई-जून में बंगाल की खाड़ी से चक्रवातीय तूफानों के पहुँचने पर जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है।

  • गया जिला में सर्वाधिक तामपान रहता है।

  • बिहार में वर्षा का आरम्भ मध्य जून से होता है। जूलाई-अगस्त अत्यधिक वर्षा वाले माह होते हैं।

  • राज्य में शीत ऋतु का आगमन मध्य अक्टूबर से आरम्भ होता है। दिसम्बर-जनवरी माह में अत्यधिक ठंड बढ़  जाती है।

  • राज्य उत्तर-पूर्वी प्रदेश सर्वाधिक वर्षा प्राप्त करता है।

 

अपवाह प्रणाली

बिहार की प्रमुख नदियाँ एवं उनके उद्गम स्थल

नदी

उद्गम स्थल

संगम/मुहाना

बागमती

हिमालय की महाभारत श्रेणी (नेपाल)

खोरमाघाट (खगड़िया) में

कमला

हिमालय की माहाभारत श्रेणी (नेपाल)

काढागोला के पास गंगा नदी

महानंदा

हिमालय की महाभारत श्रेणी (नेपाल)

कटिहार के पास गंगा नदी

फल्गु

उत्तरी छोटानागपुर के पठार

टाल क्षेत्र के पास गंगा नदी

पुनपुन

मध्य प्रदेश के पठारी  भाग

फुतुहा के पास गंगा नदी

अजय

बटपाड़

पश्चिम बंगाल में गंगा नदी

कर्मनाशा

विन्ध्याचल की  पहाडियाँ

चौसा के उत्तर गंगा नदी

गंगा

गंगोत्री (उत्तराखण्ड)

बंगाल की खाड़ी

गंडक

अन्नपूर्णा, मानंगमोट और कश्तांग (नेपाल एवं तिब्बत, मध्य हिमालय)

गंगा नदी

बूढ़ी गंडक

सोमेश्वर श्रेणी की पहाड़ियाँ एवं विश्वंभरपुर चौर

मुंगेर के उत्तर, खगड़िया, गंगा नदी

कोसी

सप्तकौशिकी (पूर्वी नेपाल)

काढ़ा गोला (पूर्णिया) के निकट  गंगा नदी

सोन

अमरकंटक (मध्य प्रदेश)

दानापुर, पटना के निकट, गंगा नदी

सरयू (घाघरा)

नाम्पा श्रेणी (नेपाल)

छपरा के निकट गंगा नदी

 

नदियों के किनारें स्थित प्रमुख नगर

नगर

नदी

सोनपुर, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर

गंडक

मोकामा, बक्सर, पटना, भागलपुर, मुंगेर

गंगा

गया

फल्गु

छपरा

सरयू

 

प्रमुख झरने/जलप्रपात

नाम

अवस्थिति

कर्मनाशा नदी पर प्रपात

बक्सर

जिआर खुंड का छोटा प्रपात

फुलवारिया नदी पर

दुर्गावती

कैमूर

ककोलत

नवादा

 

प्रमुख जलकुण्ड एवं उनकी अवस्थिति

जलकुण्ड

अवस्थिति/उदगम स्थल

मख्दूम कुण्ड

राजगीर

सूर्य कुण्ड

राजगीर

सप्तधारा या सतधरवा

राजगीर

नानक कुण्ड

राजगीर

ब्रह्मकुण्ड

राजगीर

ऋषि कुण्ड

मुंगेर

सीता कुण्ड

मुंगेर

गौमुख कुण्ड

मुंगेर

रामेश्वर कुण्ड

मुंगेर

लक्ष्मण कुण्ड

मुंगेर

                              

बिहार की मिट्टियाँ

  • बिहार राज्य के 90 प्रतिशत पर जलोढ़ मिट्टी हैं, जो गंगा नदी के उत्तर और दक्षिण के जलोढ़ मैदान में नदियों द्वारा लाए गए अवसादों मे निर्मित हैं।

  • उत्तर बिहार के मैदान में शिवालिक श्रेणी (पश्चिमी चंपारण का पर्वतीय भाग) को छोड़कर मुख्यतः जलोढ़ मिट्टी पाई जाती है।

  • पं. चंपारण के उत्तरी-पश्चिमी भाग में पर्वतपदीय मिट्टी पायी जाती है।

  • बिहार की उत्तरी सीमा के साथ पश्चिम में चंपारण की पहाड़ियों से लेकर किशनगंज तक फैली तराई मिट्टी पटसन, धान, गन्ना की खेती के लिए अनुकूल है।

  • कैमूर, रोहतास के पठारी भाग मे पायी जाने वाली लाल बलुई मिट्टी मे मोटे अनाज उगाये जाते हैं।

  • बलथर मिट्टी (रेत और कंकड़ की बहुलता) का रंग पीला और लाल है। इस मिट्टी मे होने वाली प्रमुख फसले मक्का, अरहर,  चना, ज्वार, बाजरा, कुल्थी हैं।

  • अभ्रक मिट्टी बिहार के नवादा जिले में रजौली प्रखण्ड मे पायी जाती है।

  • गंगा के दक्षिण में ताल, पुरानी जलोढ़ और बलथर मिट्टी का क्षेत्र है।

  • खादर मिट्टी गंडक और बूढी गंडक की निचली घाटी, गंगा की घाटी, कोसी और महानंदा की घाटी में पायी जाती है।

  • धूसर रंग की मिट्टी को टाल मिट्टी कहते हैं। यह अत्यधिक उर्वर मिट्टी है तथा जल सूखने के बाद इस भूमि पर रबी की फसल अच्छी होती है।

  • पुरानी जलोढ़ मिट्टी या बांगर मिट्टी का विस्तार पूर्णिया और सहरसा के कोसी क्षेत्र में अधिक है। हल्के भूरे रंग की इस मिट्टी को कुछ क्षेत्रों मे करैल या कैवाल मिट्टी भी कहा जाता है।

कृषि

  • बिहार की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। बिहार में कुल क्षेत्रफल के केवल 6.6% क्षेत्र में वनो का विस्तार है तथा 86% से अधिक लोग कृषि क्षेत्र से जुड़े हुए हैं।

  • बिहार की प्रमुख खाद्य फसले हैं- धान, गेहूँ, मक्का और दालें तथा मुख्य नगदी फसलें गन्ना, आलू, तंबाकू, तिलहन, प्याज, मिर्च, पटसन हैं।

  • बिहार राज्य में धान की खेती सबी जिलों में होती है।  चावल तथ मुख्य नगदी फसले गन्ना, तंबाकू, तिलहन, प्याज, मिर्च, पटसन हैं।

  • बिहार राज्य में धान की खेती सभी जिलो में होती है। चावल यहाँ का मुख्य भोजन है।

  • उत्पादन की दृष्टि से चावल के बाद गेहूँ  दूसरी प्रमुख फसल  है।

  • गेहूँ के उत्पादन में जहानाबाद, पटना, गया, रोहतास, कैमूर, सीवान अग्रणी जिले हैं।

  • मक्का बिहार की तीसरी प्रमुख फसल है। यह राज्य के 8 प्रतिशत से भी अधिक भागों पर बोयी जाती है।

  • बेगूसराय को बिहार में मक्का का घर कहा जाता है।

 

 

बिहार की प्रमुख फसले एवं उत्पादक क्षेत्र

फसल

उत्पादक क्षेत्र

चावल

मुंगेर, नालन्दा, चंपारण, पूर्णिया, सीवान, गोपालगंज, समस्तीपुर, पटना, कटिहार, सहरसा, मधुबनी।

गेहूँ

मुजफ्फरपुर, वैशाली, चंपारण, समस्तीपुर, पटना, सहरसा, भागलपुर, मुंगेर, गया, रोहतास, नालंदा।

बाजरा

पटना, बक्सर, कैमूर, रोहतास, भोजपुर, मुंगेर, गया।

जौ एवं बाजरा

कैमूर, बक्सर, गया, मुंगेर, चंपारण, पूर्णिया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर।

मक्का

दरभंगा, मुजफ्फरपुर, चंपारण, सहरसा, सारण

अरहर

सारण, मुजफ्फरपुर,  दरभंगा।

चना

मुंगेर, पटना, गया।

मसूर

चंपारण, पटना, गया।

तीसी

भागलपुर, तिरहुत, पटना।

सरसों

तिरहुत, पूर्णिया, पटना।

तिल

गया।

तंबाकू

पूर्णिया, मुंगेर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा

जूट

सहरसा, कटिहार, पूर्णिया, चंपारण, दरभंगा, मुजफ्फरपुर

गन्ना

सीवान, सारण, चंपारण, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया, गोपालगंज, मुंगेर, पटना, बक्सर, कैमूर, रोहतास, भोजपुर।

 

फसलों एवं फल-फूल, सब्जी के उत्पादन में बिहार का देश में स्थान

फसल/फल-फूल एवं सब्जी

देश में स्थान

फसल/फल-फूल एवं सब्जी

देश में स्थान

जूट

दूसरा

प्याज

तीसरा

लाल मिर्च

दूसरा

आलू

तीसरा

मक्का

तीसरा

धान (या चावल)

पांचवाँ

मसूर

तीसरा

गेहूँ

छठा

चना

छठा

लीची

पहला

गन्ना

नौवाँ

सूरजमुखी

चौथा

भिंडी

दूसरा

आम

पांचवाँ

फूलगोभी

दूसरा

बैंगन

चौथा

 

 

 

सिंचाई

  • बिहार में सिंचाई के प्रमुख साधन नहर, तालाब, नलकूप और कुएँ हैं। सिंचाई के साधनों में नलकूपों और नहर का महत्वपूर्ण स्थान है। तालाबों और कुओं द्वारा  अल्प क्षेत्र ही सिंचित किया जाता है।

  • नहरों द्वारा बिहार में कुल सिंचित भूमि का 37 प्रतिशत से अधिक भाग सींचा जाता है।

  • तालाब द्वारा सिंचित जिलों में गोपालगंज जिला का नाम विशेष रुप से उल्लेखनीय है।

  • कुओँ से सर्वाधिक सिंचाई, सारण, सीवान तथा गोपालगंज जिलों मे की जाती है। हालांकि बिहार के अन्य जिलों मे भी कुओं द्वारा सिंचाई की जाती है।

  • दक्षिण बिहार में कुल सिंचित भूमि का 89 प्रतिशत नलकूपों द्वारा सिचिंत होता है।

  • वर्ष 1965 में बदुआ नदी पर बदुआ जलाशय की स्थापन हुई। यह भागलपुर जिले में स्थित है।

  • भागलपु जिले मे स्थित चन्दन जलाशय की स्थापना वर्ष 1972 में चन्दन नदी पर हुई।

  • दुर्गावती जलाशय की परियोजना को 20 अगस्त, 1975 को योजना आयोग ने मंजूरी दी। रोहतास और कैमूर जिल के लिए महत्वाकांक्षी इस योजना का उद्घाटन बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने 15 अक्टूबर, 2014 को किया था।

प्रमुख नहरें

              नहर

लाभान्वित जिले

नदी

कमला नहर

दरभंगा, मधुबनी

कमला

पूर्वी कोसी नहर

पूर्णिया, अररिया, सहरसा, मधेपुरा

कोसी

पश्चिमी कोसी नहर

मधुबनी, दरभंगा, बेगूसराय

कोसी

तिरहुत नहर

सारण, चम्पारण

गंडक

तऊर नहर

चम्पारण

गंडक

त्रिवेणी नहर

पूर्वी एवं पश्चिमी चम्पारण

गंडक

पश्चिमी सोन नहर

भोजपुर, रोहतास, बक्सर

सोन

पूर्वी सोन नहर

पटना, गया, भोजपुर, औरंगाबाद

सोन

 

  • उत्तर बिहार में सहरसा, बेगूसराय, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, सारण, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, वैशाली में नलकूपों द्वारा सिंचाई की जाती है।

पशुपालन

  • कृषि प्रधान राज्य बिहार में पशुपालन का महत्वपूर्ण स्थान है।

  • बिहार के पशुधन मे भैंस, गाय, बैल, घोड़ा, खच्चर, सुअर, गधा, कुक्कुट, बकरी, का महत्वपूर्ण स्थान है।

  • वर्ष 2012 की पशु गणना के अनुसार राज्य में पशुओं की कुल संख्या 329.39 लाख है। इसमें भैंसों की संख्या 75.67 लाख, गायों की संख्या 122.32 लाख, बकरियों की संख्या 111.49 लाख तथा मुर्गियों व बत्तखों की संख्या 127.48 लाख है।

  • बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 के अनुसार, पशुपालन कुल ग्रामीण आय में लगभग पांचवे हिस्से का योगदान करता है।

  • बिहार में बाँका, छपरा, पटना, मुंगेर, भागलपुर, सहरसा, पूर्णिया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा मे कृत्रिम गर्भादान हेतु तरल हाइड्रोजन के भंडारण के लिए भंडार स्थापित किये गये हैं।

  • रोहू, कतला, भाखुर मांगुर राज्य की प्रमुख मछलियों मे हैं।

  • राज्य में पटना के मीठापुर में मत्स्य अनुसंदान केन्द्र तथा फतुहा में सोनारु मत्स्य बीज कार्य की स्थापना का भी प्रस्ताव है।

उद्योग

प्रमुख उद्योग एवं उनकी अवस्थिति

उद्योग/कारखाने

अवस्थिति

काँच उद्योग

पटना

तम्बाकू उद्योग

गया, आरा, बिहार, शरीफ, बक्सर, दिलावरपुर (मुंगेर)

भारत वैगन एण्ड इंजीनियरिंग कम्पनी लिमिटेड

मोकामा

सिगरेट फैक्ट्री एवं बंदूक कारखाना

मुंगेर

जूता कारखाना (बाटा इंडिया लिमिटेड)

मोकामा

चमड़ा उद्योग

मोकामा, दीघा, गया

उर्वरक उद्योग

बरौनी

थर्मल पावर स्टेशन (कोयला आधारित)

बरौनी

लौह उद्योग

गया, पूर्णिया

खनन उद्योग

औरंगाबाद

स्लीपर कारखाना

मधेपुरा (निर्माणाधीन)

रेल पहिया

बेलापुर, छपरा

रेल इंजन मरम्मत

जमालपुर

पटाखा

पटना सिटी

सिन्दूर

लक्खीसराय

तसर रेशम

भागलपुर

 

प्रमुख उद्योग एवं उनसे संबंधित स्थान

उद्योग

सम्बन्धित स्थान

प्लाईवुड

हाजीपुर

जूट

सहरसा, दरभंगा, चंपारण, समस्तीपुर, कटिहार

दियासालाई

कटिहार

कम्बल

औरंगाबाद, मोतिहारी, पूर्णिया, गया

हथकरघा

पटना, मुंगेर, गया, बिहार शरीफ, भागलपुर, मधुबनी

बर्तन

सीवना एवं बिहटा

सीमेंट

बंजारी, डालमियानगर

सूती वस्त्र

गया, डुमरांव, फुलवारी शरीफ, पटना, मोकामा, मुंगेर

चीनी उद्योग

मझौलिया, सुगौली, मोतिहारी, चनपटिया, बिहटा,  गया, हथुआ,  मोतीपुर, सारण, सीवान, दरभंगा

 

बिहार की अर्थव्यवस्थाः एक अवलोकन

  • बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 के अनुसार (2004-05 से 2014-15 के बीच) स्थिर मूल्य पर राज्य की आय 10.1% दर से बढ़ी है।

  • बिहार में सकल राज्य घरेलू उत्पाद की वृध्दि दर 2015-16 में 7.5% और 2016-17 में 10.3% रही। ये वृध्दि दरें लगभग 7.0% के राष्ट्रीय औसत से अधिक है।

  • 2016-17 मे बिहार राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 2011-12 के स्थिर मूल्य पर 3.32 लाख करोड़ रुपये था। जिससे प्रति व्यक्ति आय 29178 रुपये होती है।

  • वर्तमान मूल्य 2016-17 में सकल राज्य घरेलू उत्पाद 4.38 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है जिससे प्रति व्यक्ति य 38546 रुपये ठहरती है।

खनिज संसाधन

  • लिमोनाइट, मैंगनीज, टिन, बॉक्साइट, एस्बेस्टस, डोलोमाइट, सिलीमैनाइट, चूना-पत्थर, क्वार्टजाइट, यूरेनियम, कोयला, मोनाजाइट, बैरीलियम, शोरा, शीशा, सोना, पायराइट्स आदि।

मुख्य उद्योग

  • चीनी उद्योग, सूती वस्त्र उद्योग, सीमेंट उद्योग कागज एवं लुग्दी उद्योग, प्लाईवुड उद्योग, जूड उद्योग, दियासलाई उद्योग कम्बल उद्योग, हथकरघा उद्योग, बर्तन उद्योग आदि।

राज्य सरकार की आय के प्रमुख स्रोत

  • प्राचीन काल से ही भू राजस्व की आय का मुख्य स्रोत रहा है। 1950-51 में यह कर राज्य की आय का प्रदान स्रोत था पर अब इसके महत्व में बहुत ह्रास हुआ है।

  • 2016-17 मे भूराजस्व से 917 करोड़ रु. तथा 2017-18 में 600 करोड़ रु. की प्राप्ति हुई।

  • बिक्री कर राज्य में अप्रत्यक्ष कर के अंतर्गत आय का सबसे बड़ा स्रोत है।

  • राज्य उत्पाद शुल्क शराब, नशीली वस्तुओं तथा प्रसाधन सामग्रियों पर लगाया जाता है। इसका कुल संग्रह राज्य स्वयं व्यय करता है।

बैंकिंग क्षेत्र

  • देश की कुल बैंक शाखाओं में मार्च 2017 में बिहार का हिस्सा मात्र 4.8% था जबकि जनसंख्या में इसका हिस्सा 8.6% है।

  • वर्ष 2016-17 में बैंक शाखाओं मे विस्तार की दर 2.8% हो गई,  जबकि 2015-16 में यह 5.8% थी।

  • सितंबर 2016 के अंत में बिहार में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की 2092 शाखाएँ थी। सितंबर 2017 तक उनकी संख्या बढ़कर 2106 हो गई।

बिहार मे योजना

  • 1950-51 में बिहार में योजना प्रक्रिया आरंभ हो गई थी।

  • बिहार योजना परिषद का गठन राज्य योजना के निर्माण एवं मूल्यांकन हेतु किया जाता है। इसका अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होता है।

  • 11वीं पंचवर्षीय योजना में बिहार ने 11.95% विकास दर प्राप्त की है।

  • वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए नीति आयोग ने बिहार की 92317.65 करोड़ रुपये की वार्षिक योजना को स्वीकृति प्रदान की।

  • इससे राज्य के योजना आकार में 2017-18 की तुलना में 4611.36 करोड़ रुपये की वृध्दि हुई है।

खनिज संसाधन

  • अविभाजित बिहार खनिज संपदा के दृष्टिकोण से भारत के सबे धनी राज्यों में एक था। वर्ष 2000 में झारखण्ड के अलग होने के बाद खनिज के कुल संचित भंडार का अधिकांश हिस्सा झारखण्ड में चला गया।

  • बिहार में वर्तमान में प्रमुख रुप से चूना पत्थर, चीनी मिट्टी, पायराइट, क्वार्ट्ज, फेल्सपार, सोना, सजावटी ग्रेनाइट, शोरा, स्लेट प्रचुर रुप से उपलब्ध है।

बिहार के प्रमुख खनिज एवं उनके प्राप्त स्थल

खनिज

प्राप्ति स्थल

कोयला

औरंगाबाद

अग्नि सह मिट्टी (फायर क्ले)

मुंगेर, भागलपुर

यूरेनियम

गया

सोडियम लवण

पूर्वी एवं पश्चिमी चम्पारण, सारण, मुजफ्फरपुर

क्वार्ट्जाइट

मुंगेर, जमालपुर, जमुई, गया।

मैंगनीज

मुंगेर एवं गया जिले

टिन

गया, देवराज व चकखंद

बॉक्साइट

मुंगेर, रोहतास

अभ्रक

गया, नवादा, मुंगेर, जमुई, बिजैसा, महेश्वरी, नवाडीह, चकाई

खनिज तेल

मुंगेर, राजगीर

एस्बेस्टस

मुंगेर

डोलोमाइट

रोहतास

सिलीमैनाइट

गया

लिथियम

गया

फेल्सफार

गया, भागलपुर, मुंगेर,  जमुई

सोना

जमुई (करमटिया), पश्चिमी चम्पारण, वाल्मीकिनगर, मुंगेर में सोनी नामक स्थान (अब जमुई मे)

शीशा

भागलपुर

गंधक

रोहतास का अमझोर

 

बिहारः पहिवहन तंत्र

सड़क परिवहन

  • शेरशाह सूरी द्वारा बनवाई गई सड़क (शेरशाह सूरी मार्ग), जिसे औपनिवेशिक काल में ग्रांड ट्रंक रोड नाम दिया गया तथा अब राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (एन एच-2) कहा जाता है, बिहार से होकर गुजरता है।

  • बिहार से गुजरने वाले राष्ट्रीय उच्च पथ हैं- ग्रैंड ट्रंक रोड (NH-2), बरही-बख्तियारपुर-गुवाहटी उच्च पथ (NH-31), मोहनियाँ-पटना-बख्तियारपुर उच्च पथ (NH-30), लखनऊ-गोरखपुर-बरौनी उच्च पथ (NH-28)।

बिहार के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग

राष्ट्रीय राजमार्ग

कहाँ से कहाँ तक

राष्ट्रीज राजमार्ग सं. 2

दिल्ली-कानपुर-कोलकाता

राष्ट्रीय राजमार्ग सं. 6

धूले, नागपुर, रायपुर, सम्बलपुर, बहरागोड़ा, कोलकाता

राष्ट्रीय राजमार्ग स. 28

बरौनी, मुजफ्फरपुर, गोरखपुर, लखनऊ

राष्ट्रीय राजमार्ग सं. 30

मोहनिया-पटना-बख्तियारपुर

राष्ट्रीय राजमार्ग सं. 31

बरही-बख्तियारपुर-मोकामा-पूर्णिया-गुवाहाटी

राष्ट्रीया राजमार्ग सं. 57

मुजफ्फरपुर-पूर्णिया

राष्ट्रीय राजमार्ग सं. 80

मोकामा-फरक्का

राष्ट्रीय राजमार्ग सं. 84

आरा-बक्सर

राष्ट्रीय राजमार्ग सं. 85

छपरा-गोपालगंज

राष्ट्रीय राजमार्ग सं. 98

पटना-राजहरा

राष्ट्रीय राजमार्ग सं. 102

छपरा-मुजफ्फरपुर

राष्ट्रीय राजमार्ग सं. 103

हाजीपुर-मुशरीघरारी

राष्ट्रीय राजमार्ग सं. 105

दरभंगा-जामनगर

 

परिवहन

  • बिहार के रेल परिवहन की दृष्टि से देश में पांचवा स्थान है।

  • बिहार में सर्वप्रथम रेल परिवहन का शुभारंभ 1860-62 मे हुआ था। तब ईस्ट इंडिया कंपनी ने गंगा के किनारे से कलकत्ता तक जाने की मुख्य लाइन बिछायी थी।

  • बिहार में रेल परिवहन का संचालन व नियंत्रण पूर्वोत्तर रेलवे ( उत्तरी बिहार), पूर्व-मध्य रेलवे (दक्षिणी बिहार), दक्षिण पूर्वी रेलवे (बिहार का पठारी भाग), एवं उत्तर पूर्व सीमान्त रेलवे (उत्तरी-पूर्वी बिहार) द्वारा किया जाता है।

वायु परिवहन

  • बिहार के दो प्रमुख हवाई अड्डे गया और पटना है। पटना सीमित अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, जबकि गया छोटा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है।

  • बिहार में कुल 7 हवाई अड्डे – गया, मुजफ्फरपुर, पटना, भागलपुर, जोगबनी, बिहटा, रक्सौल हैं।

  • पटना उड्डयन क्लब और ग्लाइडिंग क्लब के केन्द्र पटना में स्थापित हैं।

जल परिवहन

  • राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-1 जो इलाहाबाद से हल्दिया तक विस्तृत है, बिहार से होकर जाती है।

  • राज्य में घाघरा, कोसी, बूढ़ी गंडक आदि नदियाँ नौकागम्य हैं तथा स्थानीय रुप से यातायात की सुविधाएँ इनसे उपलब्ध हैं।

सूचना एवं संचार व्यवस्था

  • बिहार बन्धु बिहार का प्रथम हिन्दी समाचार पत्र था। इसका प्रकाशन पटना से 1874 ई. में हुआ था।

  • द बिहार हेराल्ड (साप्ताहिक) बिहार का प्रथम अंग्रेजी समाचार पत्र था। 1875 ई. में गुरु प्रसाद सेन द्वारा इसका प्रकाशन किया गया था।

  • नुरुल अन्वार बिहार का प्रथम ऊर्दू दैनिक समाचार पत्र था।

  • स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद रेडियों स्टेशन भारत का पहला रेडियो स्टेशन था, जिसका उद्घाटन सरदार वल्ल्भ भाई पटेल ने किया।

  • बिहार मे दूरदर्शन केन्द्र का शुभारंभ 14 अगस्त, 1978 को 1 किलोवाट शक्ति वाले ट्रांसमीटर के साथ मुजफ्फरपुर में हुआ।

  • ग्रामीण सूचना-संचार प्रौद्योगिकी परियोजना का आरंभ छह पायलट सर्किल महाराष्ट्र, असम, बिहार, कर्नाटक, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में किया गया है।

 

बिहार में वन व वन्यजीव अभयारण्य

  • वर्तमान में बिहार के करीब 6.22 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में वन का फैलाव है जो राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 7.30% (भारत 2018) के अनुसार है।

  • वर्ष 2011 मे बिहार में 6845 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र था, वहीं वर्ष 2015 मे वन क्षेत्र बढ़कर 7299 वर्ग किमी. हो गया जो राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 7.75% है।

  • बिहार में आर्द्र पर्णपाती वन विशेष रुप से किशनगंज जिले के उत्तरपूर्व भाग में हिमालय की तराई के दलदली और सोमेश्वर की पहाड़ियों पर मिलते हैं।

  • शुष्क पर्णपाती वन कैमूर की पहाड़ी तथा छोटा नागपुर की उत्तरी ढलानों और छिटपुट पहाडियोँ पर मिलते हैं।

  • पश्चिमी चंपारण जिले में सोमेश्वर तथा दून की पर्वत श्रेणियों की ढालों पर तथा पूर्णिया और अररिया जिले के उत्तरी तराई क्षेत्र में उत्तरी उप-हिमालय के तराई वन पाये जाते हैं।

  • वन आधारित राज्य में अनेक उद्योग स्थापित हैं जिनमें आरा मिलों की संख्या एक हजार से अधिक है।

  • इसके अतिरिक्त सिजनिंग प्लांट एवं गत्ता उद्योग (समस्तीपुर, दरभंगा), प्लाईवुड निर्माण (बेतिया, पटना, मुजफ्फरपुर) कत्था (बेतिया) तथा माचिस एवं बीडी उद्योग प्रमुख हैं।

प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य एवं पक्षी  बिहार

वन्यजीव अभयारण्य/पक्षी बिहार

जिला

भीम बांध वन्यजीव अभ्यारण्य

मुंगेर

विक्रमशिला गंगा डाल्फिन अभ्यारण्य

भागलपुर

वाल्मीकि नगर वन्य जीवन अभयारण्य

पश्चिमी चंपारण का वाल्मीकी नगर

संजय गांधी जैविक उद्यान

पटना

परमान डॉल्फिन अभयारण्य

अररिया

कांवर पक्षी बिहार

बेगूसराय में कांवर झील मे स्थित

नागी पक्षी विहार

जमुई

बक्सर पक्षी विहार

बक्सर

गोगाबिल पक्षी विहार

कटिहार

कुशेश्वर पक्षी विहार

दरभंगा जिला के कुशेश्वर स्थान के पास

नक्टी पक्षी विहार

जमुई

 

संस्थान, संग्रहालय, पुस्तकालय

संस्थान

संस्थान का नाम

स्थापना वर्ष

बिहार रिसर्च सोसायटी, पटना

1915

बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन, पटना

1919

मैथिली साहित्य परिषद

1939

बिहार राष्ट्रभाषा परिषद, पटना

1950

काशी प्रसाद जायसवाल रिसर्च इंस्टीट्यूट, पटना

1950

मिथिला संस्कृत विद्यापीठ, दरभंगा

1951

भारतीय नृत्य कला मंदिर, पटना

1950

अरेबिक एंड पर्शियन रिसर्च इंस्टीट्यूट, पटना

1955

प्राकृत जैन शास्त्र शोध संस्थान, वैशाली

1955

कला भवन, पूर्णिया

1955

बिहार उर्दू अकादमी

1975

 

विश्वविद्यालय / चिकित्सा महाविद्यालय

विश्वविद्यालय / चिकित्सा महाविद्यालय

स्थापना वर्ष

पटना विश्वविद्यालय, पटना

1917

पटना मेडिकल कॉलेज, पटना

1925

दरभंगा मेडिकल कॉलेज, लहेरियासराय, दरभंगा

1947

तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर

1960

कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा

1961

मगध विश्वविद्यालय, बोध गया

1962

ए. एन. मगध मेडिकल कॉलेज, गया

1969

नालन्दा मेडिकल कॉलेज, कंकड़बाग, पटना

1969

जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज, भागलपुर

1971

एस. के. मेडिकल कॉलेज, मुजफ्फरपुर

1971

पटना डेंटल कॉलेज, पटना

1980

बुध्दा डेंटल कॉलेज, कंकडबाग, पटना

1985

नालंदा खुला विश्वविद्यालय, पटना (दूरस्थ शिक्षा)

1987

जय प्रकाश नारायण विश्वविद्याल, छपरा

1992

चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, पटना

2007

जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज, मधेपुरा

2000

महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी

2013

नालन्दा अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, नालंदा

2013

 

संग्रहालय

संग्रहालय

स्थापना वर्ष

पटना संग्रहालय, पटना

1917

पुरातात्विक संग्रहालय, नालंदा

1917

पुरातात्विक संग्रहालय, वैशाली

1945

पुरातात्विक संग्रहालय, बोधगया

1956

राजेन्द्र स्मारक संग्रहालय, पटना

1963

गांधी संग्रहालय, पटना

1967

गया संग्रहालय, गया

1970

नवादा संग्रहालय, नवादा

1974

महाराजा लक्ष्मीश्वर सिंह संग्रहालय, दरभंगा

1979

बिहार म्यूजियम, पटना

2015

 

पुस्तकालय

पुस्तकालय

स्थापना वर्ष

गोपाल नारायण पुस्तकालय, पटना

1912

श्री शारदा सदन पुस्तकालय, लालगंज (वैशाली)

1914

गेट पब्लिक लाइब्रेरी, पटना

1916

श्री हिन्दी पुस्तकालय, सोहसराय, नालंदा

1924

सिन्हा लाइब्रेरी, पटना

1924

खुदाबख्श लाइब्रेरी (द पटना ओरियंटल पब्लिक लाइब्रेरी), पटना

1938

पब्लिक लाइब्रेरी, पूर्णिया

1952

प्रभावती महिला पुस्तकालय, पटना

1973

 

विविध

  • बिहार के प्रथम राज्यपाल – जयरामदास दौलत राम

  • बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री – डॉ. श्रीकृष्ण सिंह

  • राष्ट्रपति बनने वाले बिहार के प्रथम व्यक्ति – डॉ. राजेन्द्र प्रसाद

  • बिहार के प्रथम हरिजन मुख्यमंत्री – भोला पासवान शास्त्री

  • बिहार की प्रथम महिला मुख्यमंत्री – राबड़ी देवी

  • बिहार के सबसे कम कालावधि वाले मुख्यमंत्री – सतीश प्रसाद सिंह

  • बिहार के प्रथम निर्दलीय मुख्यमंत्री – महामाया प्रसाद सिन्हा

  • बिहार के सर्वाधिक कालावधि वाले मुख्यमंत्री – डॉ. श्रीकृष्ण सिंह

  • बिहार विधानसभा के प्रथम अध्यक्ष – रामदयालु सिंह

  • बिहार विधान परिषद के प्रथम राष्ट्रपति – राजीव रंजन प्रसाद सिंह

  • बिहार विधान परिषद की प्रथम महिला सभापति – राजेश्वरी देवी

  • बिहार राज्य महिला आयोग की प्रथम अध्यक्ष – मंजु प्रकाश

  • स्वतंत्रता के पश्चात पटना उच्च न्यायालय के प्रथम मुख्य न्यायाधीश – सर क्लिफर्ड मनमोहन अग्रवाल

  • पटना उच्च न्यायालय की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश – न्यायमूर्ति सुश्री रेखा मनहरलाल दोशित

  • सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बनने वाले प्रथम बिहारी – भुवनेश्वर प्रसाद सिन्हा

  • अशोक चक्र प्राप्त करने वाला प्रथम बिहारी – रणधीर वर्मा (मरणोपरांत)

  • ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने वाले प्रथम बिहारी – रामधारी सिंह दिनकर

  • बिहार की पहली महिला एयरफोर्स फाइटर पायलट – सुश्री भावना कंठ

  • बॉलीवुड मे बिहार की पहली महिला निर्देशक – गीतांजलि सिन्हा

  • माउंट एवरेस्ट पर पहुंचने वाली बिहार की पहली महिला – स्क्वायड्रन लीडर निरुपमा पांडेय

  • भारतीय थल सेना में पहली बिहारी महिला अधिकारी – कैप्टन यूथिका

  • राज्य का पहला जैविक ग्राम – कोठिया, जिला-समस्तीपुर

  • बिहार का प्रथम खगोलीय वेधशाला – इंदिरा गांधी तारामंडल, पटना

  • बिहार का प्रथम नृत्य भवन – भारतीय नृत्य कला मंदिर, पटना

  • बिहार का प्रथम स्टेडियम – मोईनुलहक स्टेडियम, पटना

  • बिहार का प्रथम विज्ञान केन्द्र – श्री कृष्ण विज्ञान केन्द्र पटना

  • बिहार की प्रथम सिंचाई परियोजना – सोन बहुउद्देशीय परियोजना

  • बिहार का एकमात्र स्वर्ण भंडार क्षेत्र – करमटिया गांव (मुंगेर)

  • बिहार का सर्वाधिक गंधक उत्पादक जिला – रोहतास

  • बिहार में स्थापित होने वाला पहला बैंक – इलाहाबाद बैंक

  • अल्पसंख्यक आयोग को कानूनी अधिकार प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य – बिहार

  • किसी टीबी गेम शो (केबीसी) में पांच करोड़ की राशि जीतने वाला देश का पहला व्यक्ति                           – सुशील कुमार (मोतिहारी निवासी)

  • बिहार का सबसे बड़ा राष्ट्रीयकृत बैंक – भारतीय स्टेट  बैंक

  • बिहार का सबसे बड़ा तीर्थ स्थान – गया

  • बिहार का सबसे बड़ा रेलवे जंक्शन – पटना जंक्शन

 

बिहारः करेंट अफेयर्स

बिहारः संक्षिप्तिकी


उन्नयन बांका को CAPAM अवार्ड

25 अक्टूबर, 2018 को राष्ट्रमंडल संघ के लिए लोक प्रशासन एवं प्रबंधन (CAPAM) का अंतर्राष्ट्रीय नवाचार पुरस्कार उन्नयन बांका को प्रदान किया गया। उन्नयन  बांका बिहार में  शुरु हुई एल ऑनलाइन और ऑफलाइन शिक्षा परियोजना है।

CAPAM

CAPAM (Commonwealth Association for Public Administration and Management) एक ऐसा संगठन है जो राष्ट्रमंडल देशों की सरकारों के बीच सुशासन एवं सूचना के आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है।

बिहार की शाही लीची को GI टैग

18 अक्टूबर, 2018 को मुजफ्फरपुर की खास पहचान शाही लीची को  बौध्दिक संपदा कानून के तहत जीआई टैग दे दिया गया है। इसके लिए बिहार लीची उत्पादक संघ ने जून 2016 में आवेदन किया था।

     गौरतलब है कि बिहार में 32 से 34 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में  लीची का उत्पादन होता है। बिहार देश के लीची उत्पादन का  40 फीसदी उत्पादन करता है। यहां कुल 300 मीट्रिक टन लीची का उत्पादन होता है। बिहार के  कुल लीची उत्पादन में से 70 फीसदी उत्पादन मुजफ्फरपुर में होता है। मुजफ्फरपुर में 18 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में लीची की खेती होती है। मुजफ्फरपुर में शाही लीची का  उत्पादन सबसे अधिक करीब 12 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में होता है। जीआई टैग मिलने के बाद अब मुजफ्फरपुर के अलावा समस्तीपुर, वैशाली व पूर्वी चंपारण के किसान ही अब शाही लीची के उत्पादन का दावा कर सकेंगे।

बिहार में तय समय से पहले विद्युतीकरण का कार्य पूरा

बिहार राज्य ने अपने तय समय से दो महीने पहले ही विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया है। केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा सौभाग्य की वेबसाइट पर 25 अक्टूबर, 2018 को जारी आंकड़ो के अनुसार बिहार के एक करोड़ उनचालिस लाख तिरेसठ हजार नौ सौ नौ घरों मे  बिजली पहुंच गई है। केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत बिहार में शत प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य 31 दिसंबर, 2018 तक रखा था। सौभाग्य योजना के तहत बिहार में करीब 32 लाख घरों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य दिया गया था जिसे पूरा कर लिया गया है।

एशिया का पहला डॉल्फिन रिसर्च सेंटर

5 अक्टूबर, 2018 को बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशी कुमार मोदी ने पटना में डॉल्फिन रिसर्च सेटर की स्थापना की घोषणा की। यह एशिया का पहला डॉल्फिन रिसर्च सेंटर होगा। इस केन्द्र का निर्माण पटना विश्वविद्यालय परिसर में दो एकड़ भूखण्ड पर किया जाएगा, जिस पर 28 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके अतिरिक्त मुंगेर में एक ऑब्जरवेटरी का निर्माण कराया जाएगा  जहां से डॉल्फिन को देखा जा सकेगा।

गंगा नदी डॉल्फिन

गंगा में पाई जाने वाली डॉल्फिन का वैज्ञानिक नाम प्लास्टानिस्टा गंगेटिका है। यह विश्व की ताजे पानी की चार डॉल्फिन प्रजातियों मे से एक है।  भारत के अलावा यह यांगत्जी नदी, पाकिस्तान की सिन्धु तथा अमेजन नदी में भी पायी जाती है। केन्द्र सरकार ने 5 अक्टूबर 2009 को गंगा डॉल्फिन को  भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया है। यह अपने शिकार को अल्ट्रासोनिक ध्वनि से ढूंढती है। गंगा नदी डाल्फिन मार्ग ढूंढने, भोजन, खतरे से बचने इत्यादि सभी गतिविधियों के लिए अल्ट्रासोनिक ध्वनि का उपयोग करती  हैं। बिहार व उत्तर प्रदेश मे इसे सोंस जबकि आसामी भाषा में शिहू के नाम से जाना जाता है।

बिहार का पहला अपशिष्ट प्रबंधन केन्द्र

अक्टूबर, 2018 मे बिहार को पहला ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण कार्यस्थल प्राप्त हुआ। इस साइट को मुजफ्फरनगर  जिले में  खोला गया है। इस संयंत्र द्वारा ठोस कार्बनिक अपशिष्टों को उर्वरकों में बदला जायेगा। मुजफ्फरपुर बिहार का पहला  ऐसा जिला बन गया है जहां इस तरह की सुविधा है। 1 जनवरी, 2019 से मुजफ्फरनगर के 49 वार्डों को  इस सुविधा से जोडे जाने का लक्ष्य है।

पटना एयरपोर्ट के लिये केन्द्र ने 1217 करोड़ रुपए की स्वीकृत दी

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की समिति ने 26  सितंबर 2018 को पटना एयरपोर्ट पर नये टर्मिनल के निर्माण हेतु 1217 करोड़ रुपए की स्वीकृति के  बाद  एयरपोर्ट की क्षमता 45  लाख यात्री प्रति वर्ष हो जायेगी जो वर्तमान मे केवल 7 लाख यात्री प्रति वर्ष है। गौरतलब है कि पटना एयरपोर्ट का आधिकारिक नाम जयप्रकाश नारायण एयरपोर्ट है। जिसका वर्तमान स्वरुप 1793 में निर्मित हुआ था।

बिहार में प्लास्टिक कैरी बैग प्रतिबंधित

बिहार में प्लास्टिक कैरी  बैग के प्रयोग को बैन करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। 25 अक्टूबर से हर प्रकार के कैरी बैग ने प्रयोग पर प्रतिबंध रहेगा। पटना हाईकोर्ट के आदेश पर  बिहार सरकार ने ये फैसला लिया है।

इससे पूर्व पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रतिबंध 24 सितंबर से लगने वाला था लेकिन सरकार ने तैयारियों के लिए एक महीने का समय लिया था। पर्यावरण और वन मंत्रालय ने इसकी  अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के मुताबिक, पॉलीथीन के उत्पादन या बार-बार प्रयोग पर पांच साल की जेल और 1 लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है। सिर्फ 50 माइक्रॉन ही नही बल्कि सभी प्रकार के कैरी  बैग को इसके दायरे में रखा गया है। हालांकि सरकार ने अब तक के स्टॉक के खपाने के लिए 60 दिनों की मोहलत भी दी है। 15 दिसंबर से पॉलीथीन के प्रयोग पर दंड की प्रक्रिया शुरु हो जायेगी।

बांका जिले में सौर परियोजना तथा पश्चिमी चंपारण जिले में बायो  मास परियोजना

सितंबर 2018 में राज्य निवेश प्रोन्नति बोर्ड ने  बिहार के बांका जिले में 1500 करोड़ रुपए की सौर परियोजना को मंजूरी दी है। साथ ही बोर्ड ने पश्चिमी चंपारण जिले के लिये 148 करोड़ रुपए की जैवभार ऊर्जा परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान की है।

बिहार से नेपाल बस सेवा

बोधगया से पटना होते हुए  काठमांडु के लिए और पटना से वाय सीतामढ़ी जनकपुर के लिए बस सेवा  का शुभारंभ 11 सितंबर, 2018 को हुआ। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हरी झंडी दिखा कर मुख्यमंत्री के समीप से चार बसों को रवाना किया।

   भारत सरकार और नेपाल सरकार की सहमति मिलने के बाद बिहार राज्य पथ परिहवन द्वारा इसकी शुरुआत की गई है। उक्त मार्गों पर चलने वली बसें वातानुकूलित हैं। ये बसे वाई-फाई और जीपीएस सिस्टम से  भी लैस  हैं। यात्रियों को ऑनलाइन टिकट बुकिंग की भी सुविधा मिलेगी।

बोधगया से काठमांडू का किराया 1250 रखा गया है। वहीं पटना से काठमांडु का किराया 1015 और पटना जनकपुर का किराया 275 रुपये है।

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय का शुभारंभ

बिहार में नवसृजित पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय का औपचारिक उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 30 जुलाई, 2018 को किया। राज्य सरकार विश्वविद्यालय को स्थापित करने के लिए करीब 300 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। यह विश्वविद्यालय मगध विश्वविद्यालय को काट कर बनाया गया है। इसमें पटना, नालंदा समेत अन्य जिलों के कॉलेजों को शामिल किया गया है।

मगध विवि को दो हिस्सों  बांट कर पटलिपुत्र विश्वविद्यालय बनाया गया है।

अब छात्र-छात्राओं को साइकिल के लिए मिलेंगे  3 हजार

हाईस्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अब साइकिल के लिए बिहार सरकार की ओर से तीन हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके पूर्व बिहार सरकार 25 सौ रुपये देती थी। हाल ही में  सरकार ने संकल्प-पत्र जारी करते हुए इसकी सूचना सभी  जिला शिक्षा अधिकारी को भेज दी है। सरकार के संयुक्त सचिव के द्वारा संकल्प-पत्र की प्रति भेजते हुए  कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2018-18 से प्रति छात्र-छात्राएं तीन हजार रुपये दिए जाएंगे। वित्तीय वर्ष 2011-12 से यह योजना छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए शुरु की गई थी।

धनराय पंचायत – सर्वश्रेष्ठ पंचायत

सितंबर 2018 में केन्द्र सरकार ने 2017-18 वित्त वर्ष के लिये बिहार के जहानाबाद जिले के धनराय पंचायत को देश की सर्वश्रेष्ठ पंचायत चुना है। यह पुरस्कार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के सर्वश्रेष्ठ तरीके से कार्यान्वित करने के पर दिया गया  है।

साइबर सेनानी

सोशल मीडिया से अविश्वसनीय संदेशों का प्रसार रोकने एवं सही तथा विश्वसनीय जानकारी आम  जनता तक देने के लिए बिहार मे पुलिस-जनता व्हाट्सएप ग्रुप साइबर सेनानी समूह बनाने का निर्णय किया गया है। इस समूह में जागरुक एवं जिम्मेदार  नागरिक सदस्य होंगे तथा ये सोशल मीडिया के माध्यम से  नकारात्मक  एवं भ्रामक संदेशों का खंडन करेंगे। इस समूह से जुड़ने के लिए सामान्य जनता के बीच से इच्छुक स्वयंसेवक आवेदकों को बिहार पुलिस व्हाट्सएप ग्रुप से जुडने के लिए स्थानीय थाना, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अथवा वरीय पुलिस अधीक्षक अथवा पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में आवेदन देना होगा, जिसमें उन्हें अपने  बारे में  विस्तृत जानकारी देनी होगी  तथा यह करना होगा कि वे किस ग्रुप का सदस्य  बनना चाहते  हैं।

बिहार के पर्यावरण एवं वन विभाग का नाम परिवर्तित

बिहार के पर्यावरण एवं वन विभाग का नया नाम अब पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग होगा। बिहार के पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जलवायु परिवर्तन को विशेष ध्यान देने हेतु नए नाम की  अधिसूचना अगस्त 2018 में जारी की है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश को पहला मुफ्ती मोहम्मद सईद अवार्ड

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 8 जनवरी, 2018 को जम्मू-कश्मीर में पहला मुफ्ती मोहम्मद सईद पुरस्कार दिया गया था। यह सम्मान उन्हें राजनीतिक व सार्वजनिक जिंदगी में ईमानदारी के लिए दिया गया। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. मुफ्ती मोहम्मद सईद की याद में यह अवार्ड दिया गया।

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना बिहार सरकार की महत्वकांक्षी योजना है। यह योजना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अप्रैल 2018 में लान्च की थी। इस योजना को शुरु करने के लिए प्रदेश सरकार का सबसे मुख्य उद्देश्य लड़कियों को शिक्षित बनाना है। इस योजना का एक अन्य उद्देश्य लिंग अनुपात में वृध्दि करना भी है।

12वीं पास लड़कियों को 10000 की स्कॉलरशिप

बिहार बोर्ड 12वीं कक्षा की परीक्षा जिन लड़कियों ने अच्छे नंबर से पास की है। उन्हें बिहार सरकार ने 10 हजार रुपये की स्कॉलरशिप देने की घोषणा 3 जुलाई, 2018 को की। यह राशि बिहार सरकार की महत्वकांक्षी मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत दी जाएगी।

दुनिया का पहला लिंग साहित्य महोत्सव पटना में आयोजित हुआ

दुनिया का पहला लिंग साहित्य महोत्सव अप्रैल, 2017 के दूसरे सप्ताह मे पटना, बिहार में आयोजित  हुआ। इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य विचारों का आदान प्रदान करने, उन्हें  बांटने, लिंग साहित्य के क्षेत्र में प्रसिध्द लोगो के अनुभवों को जानने के लिए एक मंच प्रदान करना है। यह महोत्सव बिहार की महिला विकास निगम के लिंग संसाधन केन्द्र द्वारा  आयोजित किया गया।

एडीबी ने बिहार में सोना नहर परियोजना को मंजूर दी

एशियाई विकास बेंक (एडीबी) ने बिहार के शाहबाज भोजपुर क्षेत्र में नहर की पानी का रिसाव रोकने (लाइनिंग) की परियोजना के लिए 503 मिलियन अमरीकी डॉलर का ऋण मंजूर कर लिया है।

बिहार में मिलेगा दुनिया का सबसे सस्ता पेयजल

सुलभ इंटरनेशनल ने दरभंगा में 14 जुलाई, 2018 को सुलभ जल नाम की परियोजना का शुभारंभ किया जिसके तहत 50 पैसे में एक लीटर पीने का पानी मुहैया कराने की योजना है। इस परियोजना में तालाब के गंदे पानी को स्वच्छ पेयजल में बदला जाएगा। बिहार की एक सामाजिक संगठन ने एक विज्ञाप्ति जारी कर कहा, एक दशक पहले सुलभ इंटरनेशनल की तरफ से बिहार में ही सुलभ शौचालय की संकल्पना की नींव पड़ी थी, जिसका प्रसार देशभर में हुआ। शनिवार को इस परियोजना की नींव रखी गई। इस परियोजना के तहत दुनिया में सबसे सस्ता पीने का पानी महज 50 पैसे में एल लीटर मुहैया करवाया जाएगा। गौरतलब है कि दिसंबर 2018 तक यह परियोजना शुरु हो जाएगी। इस परियोजना पर करीब 20 लाख रुपए की लागत आएगी और इसमें 8000 लीटर पेयजल रोजाना निकाला जाएगा जिसकी लागत नाममात्र होगी।

सुशासन सूचकांक में केवल अव्वल, बिहार अंतिम पायदान पर

राज्यों की शासन-व्यवस्था के मामले में केरल देश में अव्वल है जबकि कर्नाटक  चौथे पायदान पर है, थिंक टैंक पब्लिक अफेयर सेंटर (पीएसी) द्वारा जारी सार्वजनिक मामलों के सूचकांक-2018 (पीएआई) मे यह बात कही गई है। पीएसी ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट जारी करते हुए कहा, वर्ष 2018 के  पब्लिक अफेयर्स इंडेक्स (पीएआई) मे केरल लगातार तीसरे साल शीर्ष पर है। यह सूचकांक वर्ष 2016 से राज्यों की  शासन व्यवस्था पर सालाना आधार पर जारी हो रहा है। इस रिपोर्ट में राज्यों के सामाजिक और आर्थिक विकास के आंकड़ों के आधार पर शासन-व्यवस्था के प्रदर्शन की रैंकिंग की जाती  है। इस सूची मे केरल के बाद दूसरे, तीसरे, चौथे और पांचवे स्थान पर क्रमशः तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक और गुजरात हैं। पीएआई में मध्य प्रदेश, झारखण्ड और बिहार निचले स्तर पर हैं, जो इन राज्यों मे अधिक सामाजिक व आर्थिक असमानता का सूचक  है।

कोसी नदी पर पुल को मंजूरी

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की केन्द्रीय समिति ने 9 अगस्त, 2018 को नेशनल हाईवे 106 पर कोसी नदी पर फुलौत में 6.930 किमी लंगे 4 लेन पुल की मंजूरी दे दी । इर परियोजना पर 1478.40 करोड़ रुपए की लागत आयेगी। जबकि इसकी निर्माण अवधि 3 वर्ष है और इसे जून 2022 तक पूरी होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि नये पुल के बन जाने से मधेपुरा, सुपौल, सहरसा और भागलपुर के बीच बेहतर सड़क संपर्क कायम हो जायेगा जबकि इस पुल के बन जाने के बाद फुलौत तथा विहपुर के बीच की दूरी महज 12 किमी. रह जायेगी।

जीवन सुगमता सूचकांक में पटना 109वें स्थान पर

केन्द्री शहरी विकास मंत्रालय द्वारा 13 अगस्त, 2018 को जारी शहरी सुगमता सूचकांक 2018 में महाराष्ट्र के तीन शहर क्रमशः पुणे, नवी मुंबई तथा ग्रेटर मुंबई प्रथम  तीन स्थान पर रहे। इस सूचकांक में दिल्ली 65वें जबकि बिहार की राजधानी पटना 109व  स्थान पर रहा।

सीतामढ़ी के  बाद राज्य का दूसरा ओडीएफ  जिला बना शेखपुरा

जुलाई 2018 मे सीतामढ़ी के बाद शेखपुरा सूबे का दूसरा ऐसा जिला है, जिसे ओडीएफ घोषित किया गया है।

गौरतलब है कि जब लोहिया स्वच्छता मिशन शुरु हुआ था, उस वक्त बिहार में शौचालय का कवरेज मात्र 22 फीसदी था, जो अब बढ़कर 61.43 फीसदी  हो चुका है। अभी तक 65 लाख शौचालयों का निर्माण हो चुका है। 55 लाख शौचालय का और निर्माण किया जाना है, जिसे 2019 के पहले पूरा कर  लिया जाएगा।

बिहार मंत्रिमंडल ने मत्स्य पालन कॉलेज को मंजूरी दी

29 मई, 2018 को  बिहार मंत्रिमण्डल ने किशनगंज-बिहार में मत्स्य पालन कालेज की स्थापना हेतु मंजूरी प्रदान कर दी है। इस कालेज की लागत 40.31 करोड़ रुपए होगी।

बिहार में महिलाओं की सहायता हेतु इंदिरा शक्ति एप्प लांच

राजीव गांधी की 74वीं जयंती के अवसर पर 20 अगस्त, 2018 को इंदिरा शक्ति एप्प लान्च किया गया। इस मोबाइल एप्प का उद्देश्य मुसीबत में फंसी महिलाओं को त्वरित सहायता एवं सुरक्षा उपलब्ध कराना  है। इसमे सेफ्टी फीचर के तौर पर महिला को चार लोगों के मोबाइल नंबर दर्ज करने होते हैं।

बिहार में ऑनलाइन डीजल अनुदान कार्यक्रम का शुभारंभ

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 24 जुलाई, 2018 को डीजल अनुदान का किसानों के  बैंक खाते में ऑनलाइन अंतरण खाते में डीजल अनुदान का पैसा डायरेक्ट ऑनलाइन हस्तांरित होगा। पहले किसानों को डीजल अनुदान का लाभ लेने के लिए जहाँ तीन महीने का समय लगता था वहीं अब किसानों को ऑनलाइन प्रक्रिया से अधिक से अधिक 25 दिनों मे डीजल अनुदान का पैसा मिल जायेगा।

बिहार का पहला स्टार्टअप हब पटना में

16 मार्च, 2018 को बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार  मोदी ने बिहार के पहले स्टार्टअप हब का पटना में उद्घाटन किया। वर्ग स्टेशन और ऑफिस स्पेस के साथ प्लग एंड प्ले की सुविधा इस स्टार्टअप हब में 31 स्टार्टअप कंपनियों को मुफ्त में दी जाएगी। इस स्टार्टअप हब को सामान्य सुविधा केन्द्र के रुप मे विकसित किया जायेगा।

बिहार सरकार राज्य आयुष सोसायटी स्थापित करेगी

बिहार सरकार ने 14 नवंबर, 2017 को राज्य में वैकल्पिक चिकित्सा के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य आयुष सोसायटी स्थापित करने की मंजूरी दे दी। बिहार की राज्य आयुष सोसयटी केन्द्र सरकार के राष्ट्रीय आयुष मिशन के हिस्ट्री के रुप में स्थापित की जाएगी।

बिहार में पानी की आपूर्ति में सुधार हेतु केन्द्र सरकार और एशियाई बैंक के मध्य समझौता

केन्द्र सरकार और एशियाई बैंक ने 23 फरवरी, 2018 को बिहार के भगलपुर और गया शहरों में पानी की आपूर्ति में सुधार और विस्तार के लिए 84 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये। ऋण के रुप में मिलने वाली राशि के उप परियोजना कार्यों को सहायता मिलेगी और परियोजना वाले दोनों शहरों में 1.1 मिलियन लोगों को फायदा होगा।

बिहार सरकार ने राज्य में तीसरे निजी विश्वविद्यालय को संचालन की अनुमति प्रदान की

बिहार राज्य सरकार ने 9 अगस्त, 2017 को राज्य में तीसरे निजी विश्वविद्यालय को संचालन की अनुमति प्रदान की। इसके तहत अमिटि विवि दो वर्षों की समयावधि के लिए पटना स्थित निजी भवन से इसके संचालन की अनुमति दी गयी है। इससे पहले भी राज्य सरकार दो निजी विवि को मंजूरी प्रदान की जा चुकी है। इनमें संदीप विवि और के.के. फाउंडेशन विवि हैं।

केन्द्रीय सरकार ने वैशाली में केला अनुसंधान केन्द्र स्थापित किया

बिहार में केले की खेती करने के इच्छुक किसानों को लाभान्वित करते हेतु सरकार ने गोरौल  (वैशाली) में केला अनुसंधान केन्द्र स्थापित किया। पारिस्थितिकीय कारणोंवश केला अनुसंधान केन्द्र की स्थापना हेतु वैशाली जनपद को चुना गया।

बिहार में भारत का सबसे शक्तिशाली इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव

10 अप्रैल, 2018 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने  बिहार के मधेपुरा लोकोमोटिव फैक्ट्री से भारत के  पहले 12000 हॉर्स पावर इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव का अनावरण किया। इस लोकोमोटिव के लान्च के साथ भारत, रुस, चीन,  जर्मनी और स्वीडन के लीग देशों में शामिल हो गया है।

गंगा वृक्षारोपण अभियान

  • राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) की ओर से उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखड और पश्चिम बंगाल जैसे गंगा घाटी वाले पांच प्रमुख राज्यों में गंगा वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। यह आयोजन 9 जुलाई से 15 जुलाई, 2018 तक शुभारंभ सप्ताह के रुप में मनाया था।

  • इन राज्यों के वन विभागों को इस अभियान को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया था। अभियान के संचालन के लिए जिला स्तर पर मंडलीय वन अधिकारियों को तथा राज्य स्तर पर मुख्य वन संरक्षकों को नोडल अधिकारी बनाया गया था।

  • उद्देश्यः इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गंगा नदी के संरक्षण के प्रयासों में वनो के महत्व के प्रति आम जनता तथा सभी हितधारकों को जागरुक बनाया था।

  • गंगा वृक्षारोपण अभियान नमामि गंगे कार्यक्रम का मुख्य घटक है। यह गंगा संरक्षण में वन विभाग की ओर से सहयोग की पहल है। अभियान को जन आंदोलन का रुप देने के लिए स्कूलों, कॉलेजो और विभागों से एक पौधे को गोद ले का अनुरोध किया गया। अभियान के उपलक्ष्य में 100 से ज्यादा स्थानों पर औपचारिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। उत्तर प्रदेश में इसे गंगा हरितिमा अभियान के साथ जोड़ा गया। इस दौरान मुख्य रुप से कांजी, शीशम, फ्रार्मेस, जामुन, अर्जुन, गुड़हल, सिरस, चितवन, आम, नीम, सेमल, जंगल जलेबी, गुलमोहर, कदम, सागवान, साल, महोगनी, बड़, बांस, करोंदा, अश्वगंधा, करी, पता, जटरोफा, बेहेदा, धतुरा और सर्पगंधा जैसे पेड़ों के पौधे लगाए गए।

बिहारः बजट 2018-19

  • फरवरी, 2018 को उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री सुशील मोदी ने 176990 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। जिसमें हर घर बिजली पहुंचाने के लिए 10257 करोड़ रुपये एवं पंचायती राज के लिए 8694 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।

प्रमुख बजट आवंटन

क्षेत्र

बजट आवंटन (करोड रु. में)

योजना विकास के लिए

2841

समाज कल्याण के लिए

10188

स्वास्थ्य के लिए

7793

सड़कों पर

17396.67

शिक्षा पर

32125

हर घर बिजली पर

10257

टूरिज्म पर

153.45

राजस्व एवं भूमि सुधार

862.21

नगर निगम पर

441.58

 

बजट एक नजर में

  • बिहार में तीन निजी विश्वविद्यालय की शुरुआत।

  • तीन नए सरकारी विश्वविद्यालय खुलेंगे।

  • आइजीआइएमएस में 120 करोड़ की लागत से कैंसर संस्थान बनेगा।

  • राज्य के सभी गांव मे बिजली पहुंचाना लक्ष्य।

  • गंगा नदी पर 676 करोड़ की लागत से छह लेन पुल।

  • गंडक नदी पर 663 करोड़ की लागत से पुल बन रहा है।

  • PMAY के तहत पांच लाख से अधिक लोगों को आवास मिला।

  • बिहार में 40.83 फीसदी घरो मे शौचालय का निर्माण।

  • दस लाख स्कूली बच्चों को सोलर लैंप दिया जाएगा।

  • एक अप्रैल से भूमि संबंधित मामलों का ऑनलाइन निपटारा।

  • मुख्यमंत्री हर घर नल योजना के लिए 1225 करोड़ की राशि।

  • पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए 200 करोड़।

  • 302 करोड़ की लागत से पटना में आइएसबीटी स्टैंड।

  • पटना से भागलपुर तक गंगा के किनारे जैविक खेती।

  • जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रति किसान 6000 रुपये दिए गए।

  • बिहार में तीन नए कृषि विज्ञान केन्द्र स्थापित होगी।

  • हर घर नल का जल, बिजली, सड़क सरकार का लक्ष्य।

  • जिलों में एएनएम कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज की होगी स्थापना।

  • राजगीर मे साठ करोड़ की लागत से जू सफारी का निर्माण होगा।

 

त्वरित तथ्य

  • वर्ष 2020 में बिहार सार्क देशों के आंख के डॉक्टरों के द्वीवार्षिक सम्मेलन के मेजबानी करेगा। इस सम्मेलन में नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, पाकिस्तान, मालदीव और भूटान भाग लेंगे।

  • 25 अक्टूबर, 2018 को बिहार ने प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत प्रदेश भर में निर्धारित समय से दो माह पूर्व ही विद्युतीकरण का शतप्रतिशत कार्य पूरा कर लिया। विद्युतीकरण का लक्ष्य 31 दिसंबर, 2018 तक रखा गया था। योजना के तहत बिहार में 13963909 घरों में बिजली पहुंच गई।

सौभाग्य योजना

केन्द्र सरकार ने सितंबर 2017 में प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) लांच किया था। इसका उद्देश्य 31 मार्च 2019 तक देश में सम्पूर्ण रुप से घरों के विद्युतीकरण लक्ष्य को हासिल करना था। इस योजना के लांच होने के बाद से राज्य के विद्युत विभागों तथा विद्युत वितरण कम्पनियों के सहयोग से 1.65 करोड़ घरों का विद्युतीकरण हुआ है। यह योजना केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) का हिस्सा है। सौभाग्य एक ऐसी योजना है।

  • 1 फरवरी, 2018 को बिहार के मगही लेखक शेष आनंद मधुकर को साहित्य अकादमी भाषा सम्मान से सम्मानित किया। भाषा सम्मान स्वरुप उन्हें एक स्मृतिफलक, अंगवस्त्र के साथ 1 लाख रुपये की धनराशि प्रदान की गई।

  • फरवरी, 2018 में बिहार पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017 में पकडुआ विवाह के अंतर्गत 3070 युवाओं का अहरण कर उनकी शादी कर दी गई। ध्यातव्य है कि पकड़ुआ विवाह एक ऐसा विवाह है कि लड़की पक्ष किसी लड़के का अपहरण कर उसकी इच्छा के विरुध्द विवाह करा देते हैं।

शेष आनंद मधुकर

शेष आनंद मधुकर एक मगही लेखक व कवि हैं जिनका जुन्म 8 दिसंबर, 1939 को बिहार के गया जनपद के ग्राम दरियापुर में  हुआ था। उनकी प्रसिध्द रचनाओं मे एकलव्य (हिन्दी), बिम्ब एवं भगवान बिरसा (मगही कविताएँ) प्रमुख हैं।

  • हाल ही में बिहार विद्यापीठ में बापू मीनार स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। गौरतलब है कि  पटना में 6 फरवरी, 1921 को महात्मा गांधी ने बिहार विद्यापीठ की स्थापना की थी। इसमें ब्रज किशोर प्रसाद, मौलाना मजहरुल हक एवं राजेन्द्र प्रसाद भी शामिल थे।

  • 7 से 9 अप्रैल, 2017 को बिहार की राजधानी पटना में महिला विकास निगम व जेंडर रिसोर्स सेंटर के सहयोग से विश्व का पहला लिंग साहित्य महोत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य एक ऐसा प्लेटफार्म तैयार करना है, जिसमें जेंडर साहित्य के क्षेत्र के विख्यात व्यक्तियों के बीच विचारों का आदान-प्रदान एवं अनुभवों को साझा किया जा सके।

  • 15 फरवरी, 2018 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बटेश्वर गंगा पंप नहर परियोजना का उद्घाटन किया। इस परियोजना  से  बिहार और झारखण्ड की कुल 27603 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। इसमें बिहार की 22716 हेक्टेयर और झारखण्ड की 4887 हेक्टेयर जमीन पर पानी मिलेगा। इन दोनों राज्यें मे बिहार के कहलगांव, पीरपैंती और सन्हौली (भागलपुर) तथा झारखण्ड के पथरगामा, महगामा और गोड्डा प्रखंड लाभान्वित होंगे।

  • फरवरी 2018 में BSEB (Bihar School Examination Board) ने कक्षा X एवं कक्षा XII के ऑनलाइन प्रमाणपत्रों के लिए राष्ट्रीय शैक्षणिक निक्षेपागार (National Academic Depository:NAD) को अपनाया है।

  • फरवरी 2018 को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने पटना में इंदिरा गंधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस बनाने की घोणा की।

  • फरवरी, 2018 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जापान के नारा प्रांत एवं बिहार के बोधगया को सिस्टर स्टेट के रुप में जोड़ने का प्रस्ताव दिया।

  • नीति आयोग द्वारा चयनित 117 अकांक्षी जिलों में बिहार के 13 जिले शामिल हैं। ये जिले कटिहार, बेगूसराय, शेखपुरा, अररिया, सीतामढ़ी, खगड़िया, पूर्णिया, औरंगाबाद, बांका, गया, जमुई, मुजफ्फरपुर तथा नवादा हैं।

  • अप्रैल, 2018 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के पुनौरा धाम को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा की।

  • पौराणिक मान्यता के अनुसार इसी स्थान पर राजा जनक द्वारा हल चलाया गया  जहां एक घड़े से सीता माता की उत्पत्ति हुई।

  • 30 अप्रैल, 2018 को बिहार के प्रसिध्द संगीतकार राजेन्द्र नारायण सिंह (गजेन्द्र बाबू) का 78 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें 2007 में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। गजेन्द्र बाबू संगीतकार के साथ-साथ एक अच्छे लेखक भी थे। उनके द्वारा लिखी पुस्तक कालजयी सुर-पंडित भीमसेन जोशीसुरीले लोगों की संगत काफी चर्चा में रही। इसके अतिरिक्त उन्होंने महफिले व स्वरगंधा नामक पुस्तके भी लिखी।

  • 23 से 30 अप्रैल, 2018 के मध्य बिहार में 29वाँ सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया गया।

  • जनवरी, 2018 में बिहार के राजगीर में स्थित नालंदा विश्वविद्यालय में चौथा अंतर्राष्ट्रीय धर्म-धम्म सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह आयोजन धर्म और समाज अध्ययन केन्द्र, इंडिया फाउंडेशन और विदेश मंत्रालय के सहयोग से किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय “State and Social order in Dharma Dhamma Tradition” था। इस सम्मेलन में श्रीलंका के विदेश मंत्री तिलक मारावाना तथा थाईलैंड के संस्कृति मंत्री वीर रोजपोजचरत भी शामिल हुए।

  • जनवरी, 2018 में बिहार में दहेज प्रथा और बाल विवाह के उन्मूलन हेतु ऐतिहासिक मानव श्रृंखला बनाई  गई। इस मानव श्रृंखला मे बिहार के 38 जिले शामिल थे। मानव श्रृंखला की  कुल लम्बाई 13654.37 किमी. थी।

  • अप्रैल, 2018 में वायरलेस कवरेज मैपिंग कंपनी ओपेन सिग्नल द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार भारत के 20 बड़े शहरों में 4जी कनेक्टीविटी मे बिहार की राजधानी पटना प्रथम स्थान पर है।

4G कनेक्टिविटी वाले 20 बड़े शहरों का क्रम

  1. पटना

  2. कानपुर

  3. इलाहाबाद

  4. कोलकाता

  5. भोपाल

  6. जयपुर

  7. अहमदाबाद

  8. लखनऊ

  9. चंडीगढ़

  10. बंगलुरु

  11. नागपुर

  12. सूरत

  13. गाजियाबाद

  14. हैदराबाद

  15. मुम्बई

  16. चेन्नई

  17. दिल्ली

  18. नवी मुम्बई

  19. पिंपरी चिंचवड

  20. पुणे

  • अप्रैल, 2018 में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बिहार के छपरा में 70 एकड़ मे बने ITBP कैंप का उद्घाटन किया।

  • अप्रैल 2018 में न्यूक्लियर पॉवर कारपोरेशन ऑफ इंडिया बिहार के नवादा मे परमाणु बिजली घर स्थापित करने का प्रस्ताव दिया।

  • हाल ही में रामायण सर्किट के तहत देश के 9 राज्यों के 15 स्थानों को जोड़ा गया है, इनमें बिहार के 3 स्थान – सीतामढ़ी, बक्सर एवं दरभंगा शामिल हैं।

  • एक रिपोर्ट के अनुसार, गंगा नदी के किनारे बसे 97 शहरों से 10 शहरों को गंगा नदी के 70 प्रतिशत प्रदूषण का जिम्मेदार ठहराया गया है, इन शहरों मे बिहार के 2 शहर – पटना और भागलपुर शामिल  हैं।

  • हाल ही में बिहार सरकार ने प्रदेश के 66 लाख किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

  • हाल ही में केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री चौबे ने पटना एम्स में मेडिकल पीजी की पढ़ाई शुरू करने की घोषणा की।

  • दिल्ली के द्वारिकापुरी इलाके में बिहार सदन का निर्माण किया जा रहा है, यह दिल्ली मे बिहार का तीसरा गेस्ट हाउस है।

  • रेलवे के इंटरेक्टव वाइस रिस्पांस सिस्टम के अनुसार, देश के 10 सबसे गंदे रेलवे स्टेशन में पटना रेलवे स्टेशन दूसरे स्थान पर है।

देश के 10 सबसे गंदे रेलवे स्टेशन

  1. कानपुर सेंट्रल

  2. पटना जंक्शन

  3. कल्याण जंक्शन

  4. वाराणसी जंक्शन

  5. लोकमान्य तिलक टर्मिनल

  6. इलाहाबाद जंक्शन

  7. दिल्ली जंक्शन

  8. थाणे रेलवे स्टेशन

  9. लखनऊ रेलवे स्टेशन

  10. चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन

  • बिहार सरकार ने राज्य के प्रत्येक जिले में दो-दो कृषि विज्ञान केन्द्र खोलने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके तहत हाल ही में राज्य सरकार ने गया, मुजफ्फरपुर एवं पूर्वी चंपारण में कृषि विज्ञान केन्द्र खोलने की घोषणा की है। इन केन्द्रों के खुलने के बाद बिहार में कुल 41 कृषि विज्ञान केन्द्र हो जाएंगे।

  • हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार को सितंबर, 2018 से रणजी ट्राफी खेलने की अनुमति प्रदान की। विदित है कि बिहार ने 18 वर्षों से कोई भी रणजी ट्राफी नही खेली है।

  • मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं असूचित जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत BPSC प्रारंभिक परीक्षा पार करने वाले बिहार के SC/ST श्रेणी के अभ्यार्थियों को 50000 रुपये की राधि प्रदान की जाती है। यदि बिहार का SC/ST श्रेणी का कोई विद्यार्थी UPSC (Pre) परीक्षा मे सफल होता है तो उसे 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

  • बिहार सरकार ने कोसी इलाके को बाढ़ से बचाने के लिए सिंचाई की  सुविधा प्रदान करने के लिए 880 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की है। कोसी नदी को बिहार का शोक कहा जाता है।

  • आंकड़ों के अनुसार, देशभर में बाल श्रमिकों की संख्या के लिहाज से सभी राज्यों में  बिहार तीसरे स्थान पर है। देश के सभी बाल मजदूरों में बिहार का हिस्सा 10.7 प्रतिशत है।

  • बिहार सरकार ने गुटखा/पान मसाला प्रतिबंध बरकरार रखा है। विदित है कि 31 मई, 2012 को पहली बार गुटखा के निर्माण, भंडारण, ब्रिक्री एवं वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

  • बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 15 वर्ष पुराने डीजल वाहनों को चलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

  • हाल ही में बिहार सरकार द्वारा राज्य में 74 साइबर सेल यूनिट खोले जाने का निर्णय लिया गया।

  • हाल ही  में बिहार सरकार ने 20 लाख प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटर स्थापित करने का निर्णय लिया है।

  • बिहार में सहरसा मे 15 करोड़ रुपये की लागत से वातानुकूलित गर्ल्स आईटीआई बनाया जा रहा है।

  • बिहार के पूर्णिया जिले में मरंग स्थित बकरी पालन सह प्रजनन केन्द्र में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत देश का सबसे बड़ा फ्रोजन सीमेंट स्टेशन बनाया जाएगा। 34 एकड़ क्षेत्र में 64 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस सेंटर मे प्रतिवर्ष 50 लाख यूनिट सीमेंट डोज तैयार होगा।

  • बिहार के दिव्यांगो की सूची में 22 प्रकार के दिव्यांगों को शामिल किया गया है, पहले इस सूची में केवल 7 प्रकार के दिव्यांग शामिल थे।

  • बिहार के लखीसराय जिले में स्थित लाली पहाड़ी को राज्य के पुरातात्विक स्थलों मे शामिल कर लिया गया। यह पहाड़ी महिला बौध्द भिक्षुओं की साधना स्थली थी।

  • नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत एवं वाणिज्य कर मंत्रालय की सचिव रीता टीपोसिया ने बिहार को GEM TOP BUYE 2018 पुरस्कार से सम्मानित किया। यह पुरस्कार राज्य के वित्त विभाग के सचिव उदयन मिश्रा ने ग्रहण किया। यह पुरस्कार वाणिज्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित गवर्नमेंट ई-मार्केप्लेस (जेम) से सर्वाधिक खरीद पर दिया जाता है।

  • हाल ही में बिहार के प्रसिध्द नृत्यकार रामचंद्र मांझी का चयन संगीत नाटक अकादमी अवार्ड-2017 के लिए किया गया।

  • हाल ही में बिहार के गेंदबाज रेशु राज को जगमोहन डालमिया अवार्ड से सम्मानित किया गया। रेशु-राज बिहार के नए उभरते क्रिकेट खिलाड़ी हैं।

  • फरवरी, 2018 में एशियाई विकास बैंक (ADB) ने बिहार मे कच्ची दरगाह बिदुपुर पुल के निर्माण के लिए 3300 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। यह पुल 2021 में बनकर तैयार हो जाएगा।

  • बिहार राज्य मे खेल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य संस्कृति, खेल और युवा मामलों के मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने राज्य के 8 जिलों (सहरसा, मधुबनी, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, अरवल, जमुई, रोहतास एवं खगड़िया) में खेल भवन नाम से 8 इऩडोर स्टेडियम बनाने की घोषणा की। इसके लिए 52.88 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

  • फरवरी, 2018 में बिहार म्यूजिमय को उसकी लोपाज डिजाइन के लिए विश्व प्रसिध्द IAF (International Apparel Federation) डिजाइन अवार्ड प्रदान किया गया IAF का मुख्यालय जर्मनी के हनोवा मे है।

  • फरवरी, 2018 में कृष्ण स्वरुप द्वीवेदी को बिहार का नया DGP नियुक्त किया गया है। उन्होंने इस पद पर पीके ठाकुर का स्थान लिया।

  • बिहार खुली सिगरेट (पैकेट खोलकर) की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने वाला देश का 12वां राज्य बना। इसके पहले झारखण्ड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, चंडीगढ़, मिजोरम और पंजाब में खुली सिगरेट की बिक्री पर पहले से ही पाबंदी है।

  • फरवरी, 2018 मे बिहार के गोपालगंज ने 100 घंटे में 11244 शौचालयों का निर्माण कर नया रिकार्ड स्थापित किया है। अभी तक यह रिकार्ड तेलंगाना के विजयग्राम को प्राप्त था। इस अभियान के तहत जिले के 13 प्रखंडों के 12 पंचायतों तथा 236 वार्ड को खुले में शौच से मुक्त (ODF) घोषित किया गया।

  • फरवरी 2018 तक प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत बिहार में 46 लाख LPG कनेक्शन वितरित किए गए हैं।

  • फरवरी, 2018 में जारी आंकड़ों के अनुसार बिहार में सकल राज्य घरेलू उत्पाद की वृध्दि दर 2016-17 में 10.3 प्रतिशत रही जो कि राष्ट्रीय औसत 7.0 प्रतिशत से काफी अधिक है।

  • बिहार की अर्थव्यवस्था के विकास मे सबसे बड़ा योगदान खनन एवं प्रस्तर खनन क्षेत्र का है।

बिहार की अर्थव्यवस्था में विभिन्न क्षेत्रों का योगदान

क्षेत्र

योगदान प्रतिशत

1.    खनन एवं प्रस्तर

67.5

2.    विनिर्माण

25.9

3.    परिवहन, भंडार एवं संचार

13.5

4.    वित्तीय सेवाएं

10.1

 

  • प्रति व्यक्ति आय के मामले मे बिहार के पटना, मुंगेर एवं बेगूसराय सबसे उन्नतिशील जिले हैं जबकि मधेपुरा, सुपौल एवं शिवहर सबसे निचले पायदान पर हैं।

  • पटना में बिहार का पहला स्टार्टअप हब स्थापित किया गया। इस स्टार्टअप हव में 31 स्टार्टअप कंपनियों को वर्क स्टेशन और ऑफिस स्पेस के साथ प्लग एंड प्ले की सुविधा मुफ्त में दी जाएगी।

  • बिहार में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत वित्त वर्ष 2018-19 में 830 करोड़ रुपये जारी किए गए।

  • बिहार के टेनिस खिलाड़ी अपूर्वा अमृत और प्रशंसा ने ऑल इंडिया U-14 टेनिस टूर्नामेंट का खिताब जीता ।

  • पटना (बिहार) के राज मिहक क्लब ने ऑल इंडिया सैयद एजाज हुसैन फुटबाल टूर्नामेंट का खिताब जीता।

  • हाल ही में बिहार की मशहूर लोक गायिका शारदा सिन्हा को पदम भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया।

  • हाल ही में बिहार के मंदार हिल बौंसी मेला को राजकीय मेला का  दर्जा दिया गया है।  इस मेला का  आयोजन बिहार के बांका जिले में मंदार पहाड़ी पर मकर संक्रांति के अवसर पर किया गया है।

  • हाल ही में बिहार के डॉ. मानस बिहारी वर्मा को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया। डॉ. मानस बिहारी वर्मा ने एयरफोर्स के बेड़े में शामिल तेजस विमान की नींव रखी थी।

  • 10वां विश्वकर्मा राष्ट्रीय पुरस्कार सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर और भारत वैगन एण्ड इंजीनियरिंग कं. लि. को  दिया गया। ध्यातव्य है कि विश्वकर्मा राष्ट्रीय पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1965 में की गयी थी। पुरस्कार श्रेष्ठ निर्माण के क्षेत्र में दिया  जाता है।

  • वायु प्रदूषण कम करने के लिए बिहार के फुलवाशरीफ में CNGयूनिट स्थापित की जा रही है।

  • आयुष्मान भारत योजना के तहत बिहार मे बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए 200  हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोले जाएंगे। इसके तहत उप-स्वास्थ्य केन्द स्तर तक  डायबिटीज, रक्तचाप, हाइपर टेंशन, कैसर जैसे रोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। अस्पतलों में करीब 172 प्रकार की दवाएँ निःशुल्क दी जाएंगी। जिनमें कैंसर, किडनी व मधुमेह की दवाएँ भी शामिल  हैं।

  • हाल ही में बिहार जहानाबाद के आशीष कुमार गोराई ने खेलों इंडिया प्रतियोगिता के कांस्य पदक  जीता।

  • हाल ही में राष्ट्रीय रग्बी चैंपियनशिप में बिहार ने केवल 3 पदक जीते हैं। इसमें दो स्वर्ण एवं एक रजत पदक शामिल हैं।

  • हाल ही में बिहार सरकार ने बेगूसराय, दरभंगा, भागलपुर एवं बक्सर मे बंद पड़े  आयुर्वेद कालेजों को पुनः शुरु करने का निर्णय लिया है।

  • हाल ही में राज्य के लखीसराय नगर परिषद को मुख्यमंत्री आदर्श निकाय प्रोत्साहन योजना में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। इस मामले मे पहले स्थान पर हाजीपुर नगर परिषद है।

  • हाल ही में केन्द्र सरकार ने बिहार को मक्का के सर्वाधिक उत्पादन के लिए कृषि कर्मन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मक्का उत्पादन क्रम में बिहार की तीसरी फसल है। जबकि पहले एवं  दूसरे पर क्रमशः  धान और गेहूँ हैं।

स्मरणीय तथ्य

ध्यातव्य है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में सर्वाधिक मक्का की उत्पादकता प्राप्त करने वाले खगड़िया स्थित गोगरी प्रखंड के गौछारी गांव निवासी अनिल कुमार एवं परबता प्रखंड की कुल्हडिया निवासी नीलम कुमारी को भी सम्मानित किया।

  • हाल ही में शत्रुघ्न सिन्हा को कला और राजनीति मे उनके महत्वपूर्ण योगदाने के लिए ब्रिटिश संसद परिसर में लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया गया।

  • हाल ही में जारी राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरों 2016 के आंकड़ों के अनुसार, महिलाओं के विरुध्द अपराधों की संख्या के मामले में बिहार देश में पांचवे स्थान पर है। जबकि इस मामले में हरियाणा का स्थान पहला है।

  • हाल ही में पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आइकॉनिक पर्यटक स्थल परियोजना के तहत पर्यटन स्थलों के विकास के लिए 12 साइटों की पहचान की गई है, इनमें गया (बिहार) के महाबोधि मंदिर को शामिल किया गया है।

  • हाल ही में बिहार राज्य कैबिनेट ने राजधानी पटना को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये राशि को मंजूरी प्रदान की।

  • हाल ही में किशनगंज (बिहार) स्थित  कृषि कालेज का नाम डॉ.ए.पी.जे अब्दुल कलाम के नाम पर रखा गया।

स्मरणीय तथ्य

ध्यातव्य है कि बिहार के ऐसे दो जिले हैं  जो अंतर्राज्यीय एवं  अंतर्राष्ट्रीय सीमा निर्धारित करते हैं। इनमें एक किशनगंज एवं दूसरा पश्चिमी चम्पारन है। जहां किशनगंज की सीमा प. बंगाल एवं नेपाल के साथ लगती हैं वहीं पश्चिमी चम्पारन उत्तर प्रदेश एवं नेपाल के साथ सीमा बनाता है।

  • हाल ही में बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने बिहार के 71 हजार प्राथमिक और मध्य विद्यालयों की मानिटरिंग के लिए बिहार इजी स्कूल ट्रैकिंग नाम एप्प लांच किया।

  • हाल ही में बिहार सरकार ने जीविका संस्था को स्कूलों में मिड-डे-मील की जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया है।

  • हाल ही में  बिहार के  जर्दालू आम, कतरनी धान, एवं मगही पान को अंतर्राष्ट्रीय स्तर  की पत्रिका ज्योग्राफिकल इंडिकेशन जर्नल में जगह मिली।

स्मरणीय तथ्य

जर्दालु  आमः जर्दालु आम भागलपुर जिले की प्रमुख फसल है।  इसका फल हल्के रंग का होता है। तथा यह अपनी विशेष सुगंध के कारण विश्व भर में प्रसिध्द है।

तकरनी धानः तकरनी धान  अपनी लंबाई और सुगंध के लिए विश्व प्रसिध्द है।

मगही पानः यह नवादा  जिले का विशेष उत्पाद है।

  • हाल ही में सरकार ने मधुबनी जिले को कला की राजधानी के रुप में विकसित करने का निर्णय लिया है। मधुबनी अपनी मधुनबी पेंटिंग के लिए प्रसिध्द है। इसे मिथिला पेंटिंग के रुप में भी जाना जाता है।

  • 22 दिसंबर, 2017 को पटना में प्रकाश पर्व के नाम से गुरु गोविंद सिह जी का 351वां जन्म दिवस मनाया गया। ध्यातव्य  है कि गुरु  गोविंद सिंह  सिखो के 10वें गुरु हैं जिनका जन्म 22  दिसंबर 1666 को पटना साहिब (पटना) मे हुआ था। गुरु गोविंद सिंह सिख खालसा सेना के संस्थापक एवं प्रथम सेनापति थे। इनकी मृत्यु 7 अक्टूबर, 1708 को हुई थी।

  • देश के 100 शहरों को स्मार्ट सिटी के लिए चयनित किया गया है। इसमें बिहार के चार – पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और बिहारशरीफ को शामिल किया गया है।

  • केन्द्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय ने हृदय योजना (HRIDAY: Heritage City Development and Augmentation Yojana) तहत बिहार के गया शहर को शामिल किया है।

हृदय योजना

हृदय योजना (HRIDAY: Heritage City Development and Augmentation Yojana) केन्द्र सरकार की एक योजना है। जिसका शुभारंभ 21 जनवरी, 2015 को  केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा किया गया। इस योजना का लक्ष्य देशभर में मौजूद ऐतिहासिक इमारतों का संरक्षण एवं उनका पुनरुध्दार करना है। इसके तहत देशभर के 12 स्थानों/शहरों का चयन किया गया है। जिसमें अजमेर, अमरावती, अमृतसर, बादामी, द्वारिका, गया, कांचीपुरम, मथुरा, पुरी, वाराणसी, वेलकन्नी और वारंगल शामिल हैं।

  • जनवरी, 2018 में बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने राजधानी पटना से 30 किमी दूर बिहटा नामक स्थान पर टेक्सटाइल पार्क बनाने की घोषणा की। यह पार्क बिहार में उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए बनाया जा रहा है, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा 115 एकड़ जमीन अधिसूचित की गई है।

 

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